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आय से अधिक संपत्ति मामले में श्वेताभ सुमन और अन्य की अपील पर सुनवाई जारी

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नैनीताल। हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन और अन्य की अपीलों पर 16 सितंबर को भी सुनवाई होगी।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार एक गुमनाम शिकायती पत्र के आधार श्वेताभ सुमन और अन्य के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज हुआ था। 2015 में सीबीआई ने आयकर अधिकारी के 14 ठिकानों पर छापे मारे थे। उस समय वह संयुक्त आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। जांच में सीबीआई ने पाया कि अधिकारी के पास आय से 337 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। यह संपत्ति गाजियाबाद, झारखंड, बिहार व देहरादून में है। इस संपत्ति उन्होंने अपनी मां और जीजा के नाम पर खरीदी थी। मां गुलाबो देवी के नाम दिल्ली में एक होंडा सिटी कार फाइनेंस कराई थी। फाइनेंस कराने में जो दस्तावेज लगाए गए थे, उनमें फोटो अपनी मां की और पेपर किसी अन्य संपत्ति के लगाए थे। सीबीआई की जांच में यह तथ्य सामने आया कि श्वेताभ सुमन ने गरीबों की मदद के लिए अरविंद सोसायटी नाम से पंजीकरण कराया था। इसमें उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लोगों से दान डलवाया और बाद में उस धन को अपनी पत्नी और मां के खाते में ट्रांसफर कर लिया। सीबीआई कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से 255 और बचाव पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए गए थे।
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स्पेशल जज प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (सीबीआई) देहरादून ने 13 फरवरी 2019 को आरोपी को सात साल की सजा व तीन करोड़ सत्तर लाख चौदह रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उनकी मां को एक साल, जीजा, दो दोस्तों को चार-चार साल की सजा सुनाई। इस आदेश के खिलाफ आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन व अन्य ने हाइकोर्ट में अपील दायर की थी।
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