नैनीताल। हरिद्वार सीएमओ के ऑफिस में कोविडकाल के दौरान मास्क, थर्मामीटर, पीपीई किट सहित अन्य जरूरी चिकित्सा उपकरणों की खरीदारी में की गई अनियमितता मामले में दायर जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 23 फरवरी की तिथि तय की है। सुनवाई के दौरान हरिद्वार की चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि उनकी पदोन्नति में डीपीसी होनी है इसलिए मामले की शीघ्र सुनवाई की जाए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कपिल देव ने हाईकोर्ट में हरिद्वार सीएमओ ऑफिस में कार्यरत तत्कालीन चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सरोज नैथानी के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर कहा था कि डॉ. सरोज नैथानी ने कोविडकाल के दौरान पीपीई किट, मास्क, थर्मामीटर जैसे कई उपकरणों की खरीद की थी। इस खरीद में भारी अनियमितता की गई है। याचिका में कहा गया कि डॉ. सरोज की ओर से पूर्व में स्वास्थ्य विभाग में भर्तियों में भी अनियमितता बरती गई थी। इसलिए इस प्रकरण की जांच कराई जाए। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तिथि नियत की है।