एक महीने बरेली की मजार में छुपी रही साफिया
पुलिस साफिया की खोज में दिल्ली, मुंबई, हरियाणा व बिहार तक गई। वह बरेली की एक मजार में एक महीने तक छिपी रही। पुष्ट सूत्रों के अनुसार साफिया सात दिन पहले अपने मामा के घर बरेली आ गई थी।
विदेश भागने की तैयारी में थी साफिया
साफिया मामा के घर से विदेश भागने की फिराक में थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि साफिया ने पूछताछ में बताया है कि वह दो दिन में विदेश जाने वाली थी। उसने वीजा के लिए आवेदन किया था। पुलिस ने साफिया के लिए लुक आउट नोटिस जारी नहीं किया था।
पनाह देने वाले राडार पर
जिन लोगों ने साफिया को पनाह दी, वह पुलिस की राडार पर आ चुके हैं। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि साफिया को पकड़ने के लिए टीम गठित की थी। कहा कि जिन लोगों ने उसे पनाह दी, उन्हें भी चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई होगी। सूत्र बताते हैं कि साफिया बरेली में एक वकील के घर में भी रुकी थी।
बनभूलपुरा उपद्रव में शामिल हो सकता साफिया का नाम
जिस जमीन से बवाल शुरू हुआ था, उस पर साफिया का ही कब्जा था। एसएसपी मीणा ने बताया कि साफिया के नाम पर जमीन थी। हालांकि उसमें और लोगों के नाम भी शामिल हैं। साफिया ही कोर्ट पहुंची। जमीन पर कब्जा नहीं होता तो उपद्रव नहीं होता। इसलिए साफिया को बनभूलपुरा उपद्रव का आरोपी बनाया जा सकता है। साफिया से पूछताछ के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साफिया मलिक को बरेली से गिरफ्तार कर लिया है। बनभूलपुरा उपद्रव की जड़ जमीन ही थी। इस मामले में कानूनी राय लेकर पुलिस और आगे बढ़ेगी। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस जल्द ही पूछताछ के लिए साफिया की रिमांड लेगी।
-प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी