बृहस्पतिवार सुबह जलसंस्थान कार्यालय का नलकूप खराब हो गया, जिसके बाद कार्यालय स्थित ओवरहैड टैंक से भी बांटने के लिए टैंकरों में पानी नहीं भरा जा सका। देर शाम तक एई रविंद्र कुमार तकनीकी टीम के साथ नलकूप में आई खराबी के कारणों की जांच करते रहे। दिनभर प्रभावित इलाकों में पानी की आपूर्ति कराने के लिए शीशमहल स्थित ओवरहैड टैंक से पानी बांटा गया। वहीं भगवानपुर में भी दिन भर पानी की किल्लत बनी रही। वहीं आईटीआई क्षेत्र के नलकूप से बृहस्पतिवार को पानी नहीं मिल पाया इस दौरान दो टैंकरों से पानी बांटा गया।
मामले में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रवि शंकर लोशाली ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पर्याप्त मात्रा में पानी बांटा गया है। उन्होंने कहा कि सभी नलकूपों की मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिससे आपूर्ति को सुचारु कराया जा सकेगा।
संस्थान ने शुरू की सीवर कनेक्शनों की जांच
नैनीताल में जल संस्थान की ओर से नगर में पेयजल कनेक्शनों के साथ ही सीवर कनेक्शनों की भी जांच शुरू कर दी गई है। जल संस्थान की टीम नगर के होटलों में सर्वे कर यह जांच कर रही है कि होटलों में कितनी टॉयलेट सीट लगी हैं, ताकि उसी हिसाब से होटलों से सीवर शुल्क वसूला जा सके।
शहर में वर्तमान में पेयजल के व्यावसायिक और घरेलू लगभग नौ हजार कनेक्शन हैं। इन सभी से विभाग नियमों के तहत शुल्क वसूल रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कुछ होटल कारोबारियों ने शौचालयों में लगाई गई सीटों की संख्या को कम दर्शाया है। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की सही संख्या पता लगाने के लिए विभागीय स्तर पर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद व्यावसायिक कनेक्शनों में सीटों की संख्या के हिसाब से शुल्क वसूला जाएगा। विभाग के सहायक अभियंता डीएस बिष्ट ने बताया कि जल संस्थान की टीम अलग-अलग स्थानों पर शौचालयों में लगाई गई सीटों का सर्वे कर रही है। सर्वे पूर्ण होने के बाद सीट के अनुसार शुल्क वसूला जाएगा।