कुमाऊं की सबसे बड़ी थोक मंडी में काश्तकारों की सुविधाओं का बुरा हाल है। मंडी में हाईमास्ट लाइटें तो काफी समय से खराब पड़ी ही थीं, लेकिन अब एलईडी भी खराब होने से मंडी परिसर अंधकार में डूब गया है। इस अव्यवस्था को लेकर आढ़ती और दूर दराज से आने वाले काश्तकार सभी परेशान हैं।
बरेली रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति द्वारा संचालित थोक मंडी में कुमाऊं के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों के मंडी कारोबारी बड़ी संख्या में रोजाना आते हैं। मगर थोक मंडी को आदर्श और व्यवस्थित बनाने की कोशिश के बजाय इसकी अनदेखी होने से मंडी में पथ प्रकाश व्यवस्था चौपट सी हो गई है।
फल एवं सब्जी का कारोबार करने वाले आढ़तियों ने बताया कि मंडी परिसर में पथ प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने के लिए पहले मंडी समिति ने लाखों रुपये खर्च कर हाईमास्ट लाइटें लगाई थीं। हाईमास्ट लाइटें ज्यादा समय तक काम नहीं कर सकीं तो फिर प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा कर मंडी समिति ने परिसर में पोल पर एलईडी लाइटें लगा दीं।
एलईडी लाइटें लगने से कारोबारी और काश्तकार दोनों खुश थे। मगर अब बारिश के मौसम में प्रकाश व्यवस्था देखने वाला कोई नहीं है।
मंडी परिसर में अब एलईडी लाइटें खराब होने से जहां तहां बंद पड़ी हैं। कहीं इक्का दुक्का एलईडी जल रही हैं या फिर कई आढ़तियों ने अपने यहां लाइटें लगाकर रोशनी का इंतजाम किया हुआ है।
व्यापारियों का कहना है कि मंडी परिसर में पथ प्रकाश लाइटें बंद होने से रात में चोरी का अंदेशा बना रहता है। काश्तकारों का माल न तो लोड हो पाता और न ही अनलोड हो पाता है।
बाहर माल भेजने के लिए ग्रेडिंग भी नहीं हो पाती। इसके अलावा मंडी परिसर में गंदगी की वजह से संक्रामक रोग न फैले इसके लिए कीटनाशकों का छिड़काव भी नहीं किया गया है।