नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं सोमवार से शुरू होंगी। परीक्षार्थियों का परीक्षाफल 70 फीसदी प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा में अर्जित अंकों और 30 फीसदी इंटरमीडिएट के कुल प्राप्तांकों के आधार पर जारी किया जाएगा। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में विद्यार्थियों की ओर से प्राप्त अंकों को यथावत रखा जाएगा। अगर कोई विद्यार्थी लिखित परीक्षा में अनुपस्थित रहता है तो उसका परीक्षाफल जारी नहीं होगा।
शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र नेताओं ने प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन किया था। उन्होंने वार्षिक परीक्षा को निरस्त कर मानकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने ओपन बुक सिस्टम से परीक्षा करवाने और आंतरिक परीक्षा और असाइनमेंट के अंकों के आधार पर प्रमोट करने की भी मांग की थी। छात्र नेता देर रात 10 बजे तक डटे रहे। इसके बाद निर्णय लिया गया कि रविवार को कमेटी का गठन कर छात्रहितों को देखते हुए फैसला लिया जाएगा। कुलपति प्रो. एनके जोशी के निर्देशों के बाद रविवार को उच्चाधिकारियों की बैठक हुई। इस मौके पर कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त नियंत्रक आरएल आर्या, निदेशक जेसी बोस परिसर भीमताल प्रो. पीसी कविदयाल, प्रो. एससी सती, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. आरके पांडे, प्रो. एमएस मावडी, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रो. एचसीएस बिष्ट, डॉ. रितेश साह, डॉ. गगनदीप होडी आदि मौजूद रहे।
एमबीपीजी में बाहर से भी बुलाए जाएंगे कक्ष निरीक्षक
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक अंतिम सेमेस्टर और स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं दो पालियों में चल रही थीं। सोमवार से तीन पालियों में परीक्षाएं चलेंगी। तीनों पालियों में परीक्षा संपन्न कराने के लिए महाविद्यालय प्रशासन निजी विद्यालयों के शिक्षकों को ड्यूटी पर बुलाने जा रहा है। प्राचार्य प्रो. बीआर पंत ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा प्रभारी डॉ. महेश कुमार ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा सुबह 8 से 10, दूसरी पाली सुबह 11 से 1 और तीसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से सायं चार बजे तक चलेगी।