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जंगल के अछूते कोने पर पहुंचेगी जीपीएस गश्त 

Tue, 05 Sep 2017 02:20 AM IST
अंकुर शर्मा
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GPS - फोटो : demo pic
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जंगल के अछूते कोनों पर भी अब वन अधिकारियों की नजर रहेगी। जंगलों में जल्द ही ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) आधारित गश्त की जाएगी। जीपीएस गश्त जंगलों के चप्पे-चप्पे पर वन कर्मी का दौरा करने में मददगार होगी। वहीं ऐसी गश्त से जंगलों में हो रही शिकार व तस्करी की वारदात में लगाम कसेगी। 
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तराई पूर्वी वन प्रभाग नैनीताल से ऊधम सिंह नगर तक फैली है। इस वन प्रभाग में सैकड़ों हेक्टेयर जंगल है। इन जंगलों में जंगली जानवरों और बेशकीमती लकड़ी का भंडार है। सैकड़ों हेक्टेयर में जंगल होने से वन कर्मियों को गश्त में खासी दिक्कत होती है। जंगल की सुरक्षा में लगे वन कर्मी चप्पे-चप्पे पर नहीं पहुंच पाते हैं।

कई दिनों तक गश्त में भी लापरवाही की जाती है। नतीजा वन्य संपदा को नुकसान पहुंचता है। वन्य संपदा को बचाने और गश्त को तकनीकी ढंग से धारदार बनाने के लिए अब प्रभाग के जंगलों में जीपीएस आधारित गश्त शुरू की जाएगी। इस बाबत सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
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17 जीपीएस उपकरण खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन उपकरणों की निगरानी के लिए लैपटॉप खरीद लिया गया है, एक ऑपरेटर की जल्द ही नियुक्ति की जा रही है। दो हफ्तों में जंगलों में जीपीएस गश्त शुरू कर दी जाएगी।

ऐसे होगी जीपीएस गश्त

जंगलों में गश्त करने वाले बीट कर्मियों को जीपीएस उपकरण दे दिए जाएंगे। कर्मी जब गश्त पर जाएगा तो इन उपकरणों को लेकर जाएगा। अब जहां जहां पैदल, गाड़ी से गश्त होगी इस उपकरण के जरिए पूरा ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज होता रहेगा। इस तरह जंगल में गश्त पर प्रभागीय वनाधिकारी भी निगरानी रख सकेंगे। 

ये होंगे फायदे
1 - जीपीएस उपकरण से गश्त के दौरान तय किया इलाके का विवरण आ जाएगा। अब वन प्रभाग में जहां गश्त नहीं हुई है उन अछूते कोनों पर गश्त कराई जाएगी।
2 - सुरक्षा कर्मी उपकरण लेकर गश्त करेंगे इस पर गश्त में लापरवाही नहीं बरत सकेंगे। उन्हें नियमित तौर पर जंगलों में गश्त करनी होगी। इससे तस्करी व शिकार की घटनाओं पर रोक लगेगी।
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3 - समूचे वन प्रभाग की गश्त होने से जंगलों, जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

जीपीएस गश्त के लिए 17 उपकरण खरीदे जा रहे हैं। सभी तैयारियां दो-तीन हफ्ते में पूरी कर गश्त शुरू कर दी जाएगी।
-नीतिश मणि त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पूर्वी 
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