नैनीताल। हाईकोर्ट ने न्याय के देवता अल्मोड़ा चितई गोल्ज्यू मंदिर में चल रहीं अनियमितताओं के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित कर दिया है। अदालत ने डीएम अल्मोड़ा से कहा है कि संयुक्त जांच कमेटी ने 8 अक्तूबर 2018 को अपनी जो रिपोर्ट उन्हें दी थी, उसे वह दो सप्ताह के भीतर सरकार को सौंपें। कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह दो माह के भीतर इस रिपोर्ट पर निर्णय ले। कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस प्रकरण पर सरकार को पक्षकार बनाया था।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार नैनीताल निवासी दीपक रुबाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चितई गोल्ज्यू मंदिर में हर वर्ष लाखों का चढ़ावा आता है। मंदिर के पुजारी और उनके परिवार के लोग इस पर अपना अधिकार समझते हैं। याचिकाकर्ता ने चितई गोल्ज्यू मंदिर संचालन के लिए ट्रस्ट बनाने की मांग की थी।
इस मामले में गोल्ज्यू की ओर से भी प्रार्थना पत्र दायर किया गया था, जिसमें कहा गया था कि मंदिर में अनियमितताएं हो रहीं हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि इसके लिए अलग से खाता खोला जाए। वहां के चढ़ावे और दान की जांच कराने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि 2018 में पांच सदस्यीय कमेटी ने इसकी जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसमें विस्तृत नियमावली बनाकर इसे ट्रस्ट बनाने की वकालत की थी।