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haldwani News: गौला नदी का रुख स्टेडियम की ओर, वायरक्रेट का कुछ हिस्सा बहा; सिंचाई विभाग कर रहा निगरानी

Sat, 14 Sep 2024 10:55 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

बृहस्पतिवार को स्टेडियम के किनारे लगे वायरक्रेट का कुछ हिस्सा नदी में समा गया है। नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो स्टेडियम फिर से खतरे की जद में आ सकता है।
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गौला नदी का रुख स्टेडियम की ओर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खतरे के निशान से ऊपर बह रही गौला नदी का रुख अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार की ओर हो गया है। स्टेडियम के बचाव के लिए किए गए अस्थाई कार्यों को नदी ने नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को स्टेडियम के किनारे लगे वायरक्रेट का कुछ हिस्सा नदी में समा गया है। नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो स्टेडियम फिर से खतरे की जद में आ सकता है।

190 करोड़ की लगात से बने गौलापार स्टेडियम को गौला नदी बीते दो साल से नुकसान पहुंचा रही है। स्थायी सुरक्षा कार्यों में हो रही लेटलतीफी के चलते स्टेडियम का डेढ़ हेक्टेयर का हिस्सा नदी में समा चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और लगातार स्टेडियम पर नजर बनाए हुए हैं। इस साल जुलाई में हुई बारिश के चलते स्टेडियम का 400 मीटर का हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया था। इसके बाद सीएम ने स्टेडियम का दौरा कर सुरक्षा कार्यों के जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग की ओर से करीब एक करोड़ की लागत से सुरक्षा कार्य किए गए। नदी का रुख 30 मीटर दूर किया गया था।

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बरसात में फिर नदी स्टेडियम की ओर मुड गई है। सिंचाई विभाग ने स्टेडियम की सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रस्ताव कई बार संसोधित कर दिए हैं लेकिन अभी तक स्थायी कार्यों शुरु नहीं हो पाए। पूर्व में 65 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम के किनारे 750 मीटर लंबी और 12 मीटर ऊंची काउंटरफोर्ट वॉल बनानी थी, लेकिन अब 400 मीटर के दायरे में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से काउंटरफोर्ट वॉल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव के लिए शासन से धनराशि स्वीकृत होने का इंतजार है।

नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का बहाव स्टेडियम की ओर हो गया है। अस्थाई सुरक्षा कार्यों को आंशिक क्षति हुई है। स्थायी कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसे मंजूरी मिलने पर कार्य शुरू किए जाएंगे।

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-दिनेश सिंह रावत, ईई, सिंचाई विभाग

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