नैनीताल जिले में मौसम का मिजाज सोमवार को भी बिगड़ा रहा। बीती रविवार की रात से बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटे में हल्द्वानी-काठगोदाम में सर्वाधिक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि नैनीताल में 36 मिमी वर्षा हुई। लगातार बारिश के चलते गौला, कोसी, नंधौर नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं जिले में 24 ग्रामीण व प्रादेशिक मार्ग बारिश और मलबे के कारण बंद हैं। वहीं हल्द्वानी में सोमवार को कोहरा छाया रहा जिससे दृश्यता 50 मीटर रही। शहर का तापमान 29.6 और न्यूनतम 22.3 डिग्री सेल्शियस रहा।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे तक जिले में औसत 18.19 मिमी बारिश दर्ज की गई। मानसून सीजन में अब तक 1228.02 मिमी वर्षा हो चुकी है। बेतालघाट में 20, मुक्तेश्वर में 18.9, खनस्यू और कैंची धाम में 18-18, कालाढूंगी में 14, रामनगर में 10 और चोरगलिया में सात मिमी बारिश हुई।
बारिश के बाद गौला नदी में 3547 क्यूसेक, कोसी में 12577 क्यूसेक और नंधौर में 2740 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
बारिश के कारण जिले में 21 ग्रामीण मार्ग, एक राज्य मार्ग और दो जिला मार्ग बाधित बताए गए हैं। रामनगर, नैनीताल, ज्योलीकोट, कालाढूंगी और हल्द्वानी क्षेत्रों में कई सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित है। अधिकांश मार्ग 27 और 28 सितंबर को अवरुद्ध हुए हैं। संबंधित विभाग मार्गों को खोलने में जुटे हैं।
भवनों और पशुओं को भी नुकसान
अब तक जिले में 226 पक्के भवनों को आंशिक क्षति, सात कच्चे भवनों को नुकसान और तीन भवनों के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने का आंकलन किया गया है। एक गोशाला भवन को भी नुकसान पहुंचा है। 13 पशुहानि और नौ गोशालाओं के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। सोमवार को नई जनहानि की कोई घटना दर्ज नहीं हुई। विद्युत और पेयजल आपूर्ति भी कुछ मैदानी व गार्डन क्षेत्रों में आंशिक रूप से प्रभावित रही। विभागीय टीमें बहाली के कार्य में जुटी हैं।