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गांजा तस्करी के मामले की विवेचना छह घंटे में कर दी, कालाढूंगी थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

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नैनीताल। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने गांजा तस्करी के मामले की जांच में लापरवाही बरतने पर एसएसपी नैनीताल को कालाढूंगी के थानाध्यक्ष दिनेश कुमार महंत के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी मामले में कोर्ट ने रामनगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज गैरोला की कार्यप्रणाली सवाल उठाते हुए इस संबंध में गृह विभाग को सूचित करने को भी कहा है।
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कोर्ट ने विवेचनाधिकारी महंत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 80 किलो गांजा तस्करी के मामले की विवेचना महज छह घंटे में कैसे हो गई? और विवेचनाधिकारी के सीनियर ऑफिसर सीओ रामनगर इस मामले में उदासीन क्यों रहे? कोर्ट ने पूर्व में पेश की गई चार्जशीट को रद करते हुए दोषमुक्त किए गए आरोपी के खिलाफ फिर से जांच के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 19 जनवरी 2020 को रामनगर के थाना प्रभारी रवि कुमार सैनी और अन्य पुलिस कर्मियों ने परवेज निवासी खताड़ी को 80 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इस गांजे को जगत सिंह निवासी सराईखेत सौफखाल सल्ट से खरीद कर लाया है। इस मामले में न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि विवेचनाधिकारी दिनेश कुमार महंत ने जगत सिंह से संबंधित जांच खानापूरी कर सिर्फ छह घंटे में पूरी कर दी। इस तरह विवेचना पूरी तरह से संदिग्ध है।
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कोर्ट ने कहा कि सीओ गैरोला के द्वारा उच्च स्तर का अधिकारी होने के बावजूद इस मामले में उपेक्षा बरती गई है, जबकि सीओ को देखना चाहिए था कि आरोपी द्वारा दिए गए नाम-पते और फोन नंबर सही हैं या नहीं। विवेचक ने पूर्व में परवेज के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/10 के तहत आरोप पत्र पेश कर दिया था, परंतु जगत सिंह के बारे में सूचना दी कि उसके विरुद्ध विवेचना जारी है। जबकि बाद में जगत सिंह के खिलाफ कोई साक्ष्य न पाने पर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में विवेचक मामले की पुन: विवेचना करें और एसएसपी नैनीताल विवेचक के खिलाफ कार्रवाई करें। यह भी आदेश दिए कि सीओ गैरोला के खिलाफ गृह विभाग उत्तराखंड शासन उचित कार्रवाई करें। कोर्ट ने इस आदेश की प्रति एसएसपी नैनीताल और जिला शासकीय अधिवक्ता को भी भेजी है।
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