लापरवाही::: कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है लेकिन लोग लापरवाही बरतने लगे हैं हल्द्वानी के बेस अस्पत?
इमरजेंसी में पर्चा नहीं बनता, पर्ची थमाते हैं
केस 01
राजपुरा के रहने वाले एक व्यक्ति सोमवार को बेस अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा। उसने सिर दर्द और पेट में गैस की शिकायत की। यहां पर मरीज से बात करने के बाद डॉक्टर ने एक कागज का टूकड़े में उसे दवा देकर चलता किया।
केस 02
दोपहर तीन बजे इमरजेंसी में रामपुर रोड निवासी एक व्यक्ति सिरदर्द की शिकायत के साथ पहुंचा। डॉक्टर परेशानी जानते ही इंजेक्शन लगाने की बात कहने लगे। जब मरीज ने गोली देने की बात कही तो डॉक्टर एक पर्ची में दवा लिखने लगे। मरीज ने पर्चा बनवाने का अनुरोध दिया। इसके बाद पर्चे में दवा लिखी गई।
हल्द्वानी। किसी भी अस्पताल में जाओ वहां पर्चा बनने के बाद ही मरीज का इलाज होता है। खास कर सरकारी अस्पतालों में तो पर्चा जरूरी है लेकिन अपने शहर के बेस अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर पर्चा नहीं बनाते बल्कि मरीज को कागज की पर्ची थमा देते हैं।
सोमवार को अमर उजाला की टीम मरीज बनकर बेस अस्पताल की इमरजेंसी में गई तो इलाज के नाम पर पर्ची की औपचारिकता का पता चला। सामान्य तौर पर मरीज ओपीडी, इमरजेंसी में आता है तो उसका पर्चा बनाना चाहिए। इसमें रोगी की डिटेल के साथ बीमारी और इलाज के बारे में सूचना दर्ज होती है पर बेस अस्पताल में ऐसा नहीं हो रहा है।
अस्पताल में आने वाले व्यक्ति का पर्चा बनना चाहिए। इमरजेंसी में निशुल्क पर्चा बनाने की व्यवस्था है। अगर कहीं पर कमी है तो अस्पताल प्रबंधन से बात कर आवश्यक सुधार कराया जाएगा।
डॉ. भागीरथी जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी