टैक्स चोरी का सामान रखने के लिए चालक का केबिन चौड़ा करने और दो सीटें उखाड़ने की घटना के बाद रोडवेज प्रबंधन भी सवालों के घेरे में आ गया है। प्रबंधन ने किरकरी से बचने के लिए जालंधर वाली बस को सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर ही दिल्ली रवाना कर दी।
आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई के नाम पर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते नजर आए। फिलहाल शुरुआती जांच में प्रबंधन ने चार आरोपी चालकों को निलंबित कर दिया है। जालंधर रूट की रोडवेज बस में टैक्स चोरी का सामान रखने के लिए दो सीटे उखाड़ने के मामले ने शुक्रवार को तूल पकड़ा था।
सीटों के बीच की दूरी कम होने के बाद यात्रियों के हंगामे को देखते हुए जालंधर की बस सेवा निरस्त कर दी गई थी। शनिवार को सवाल-जवाब से बचने के लिए रोडवेज प्रबंधन का तर्क था कि जालंधर के लिए परिवहन निगम आरटीओ को 49 सीटों का टैक्स जमा करता है।
दो सीटें उखाड़े जाने से जालंधर रूट की बस में 47 बसें ही रह गई थीं, ऐसे में प्रबंधन को नुकसान होता। इसकी भरपाई के लिए 49 सीटर तीसरी बस जालंधर भेजी गई। जबकि जालंधर रूट पर संचालित दूसरी बस के चालकों को संदिग्ध मानते हुए यह उन्हें बस समेत ड्यूटी के लिए रोक दिया।
उधर, जालंधर रूट की बस की जांच के बजाय सुबह ही दिल्ली भेजने की बात का प्रबंधन जवाब नहीं दे सका। एआरएम हल्द्वानी इंदिरा जंगपांगी ने कहा कि जालंधर रूट पर संचालित दोनों बसों के चालकों को निलंबित कर दिया गया है।
आरएम कुशीराम ने एआरएम की कार्रवाई की रिपोर्ट को मुख्यालय भेजा जा रहा है। आरएम (तकनीकी) अनूप रावत ने कहा कि फोरमैन की रिपोर्ट मिल गई है। उन्होंने बताया कि बस की सीटें बाहर निकाले का मामला प्रतीत हो रहा है। मुख्यालय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बसों में लंबे समय से आ रहा है टैक्स चोरी का सामान
जालंधर रूट की बसों में हॉजरी और दिल्ली रूट की बसों में बगैर टैक्स गारमेंट का सामान लंबे समय से लाया जा रहा है। रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही से इन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई चालक-परिचालक बाबूओं से मिलीभगत कर अपनी ड्यूटी जालंधर, पंजाब और दिल्ली रूट पर लगवाने की जुगत में लगे रहते हैं।