नैनीताल। छह दिन पहले आई दैवी आपदा से कुमाऊं मंडल में वन विभाग को 32 करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक सर्वे के बाद विभाग ने नुकसान की जानकारी शासन को उपलब्ध करा दी है। दीपावली से पहले विभाग अब नुकसान के विस्तृत आकलन के साथ भविष्य की योजनाओं को लेकर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से अध्ययन कराएगा।
मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊं) डॉ. तेजस्विनी अरविंद पाटिल ने बताया कि 18 व 19 अक्तूबर को आई मूसलाधार बरसात के कारण कुमाऊं मंडल के सभी जिलों में वन विभाग की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। अलग अलग स्थानों पर वन मार्ग, बटिया, चेकडैम, पाइप लाइनें, जलाशयों, आवासीय भवन, दीवारें, तटबंध, अवरोधी दीवारें, पौधरोपण कार्य, नर्सरी, सोलर फैंसिंग आदि को खासा नुकसान हुआ है। प्रारंभिक सर्वे में यह नुकसान लगभग 32 करोड़ आंका गया है, जबकि विस्तृत सर्वे चल रहा है।
उन्होंने बताया कि कोसी, दाबका, गौला, निहाल और नंधौर नदियों के तटबंध टूटने या फिर बहने से नदियों के चैनल बदल गए हैं। नदी, नालों और गधेरों के उफान पर चलने के कारण जबरदस्त भू कटाव हुआ है। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों को कुमाऊं में बुलाया गया है। उम्मीद है कि दीपावली से पहले वह यहां आकर नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ अपने सुझाव भी विभाग को उपलब्ध कराएंगे। उसके बाद उन सुझावों के आधार पर ही भविष्य के कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।