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पहले आग लगाई, फिर आठ राउंड फायरिंग की

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हल्द्वानी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद के सतखोल (रामगढ़) स्थित आवास पर तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग के मामले के आरोपियों को पुलिस 24 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। फोरेंसिक टीम ने खुर्शीद के आवास से .32 बोर के आठ खोखे और एक कारतूस और खून लगे कांच के टुकड़े बरामद किए हैं। इससे स्पष्ट है कि आठ राउंड फायरिंग भी की गई थी। केयरटेकर सुंदर राम समेत उनका परिवार घटना के बाद से सहमा हुआ है।
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फोरेंसिक टीम में शामिल हेम चंद्र और ममता रजवार ने बताया कि साक्ष्य जांच के लिए भेजेंगे और रिपोर्ट जल्द उच्चधिकारियों को भेजी जाएगी। भाजपा से जुड़े लोग सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में हिंदुओं के लिए की गई टिप्पणी से नाराज होकर उनके कॉटेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। पुतला फूंकने के साथ ही उन्होंने कॉटेज के शीशे तोड़ दिए और घर के दरवाजे पर आग लगा दी थी। पुलिस ने केयरटेकर की तहरीर पर राकेश कपिल के खिलाफ नामजद और 20 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने केयरटेकर सुंदर राम के भी बयान दर्ज किए। वहीं क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सतखोल में पुलिस तैनात की गई है।
जांच के लिए टीम गठित
भीमताल। मामले की जांच के लिए भवाली कोतवाल अशोक कुमार, भीमताल थानाध्यक्ष रमेश सिंह बोरा और मुक्तेश्वर थानाध्यक्ष मो. आरिफ की टीम गठित की गई है, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। थानाध्यक्ष मो. आरिफ ने बताया कि सलमान खुर्शीद के कॉटेज में जो फायरिंग की गई, अंदेशा है कि वह लाइसेंसी पिस्टल से चलाई गई होगी। कहा कि पिस्टल किसकी थी इसकी भी जांच की जा रही है।
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केयरटेकर बोले-परिवार ने दहशत में काटी रात
मुक्तेश्वर। सलमान खुर्शीद के केयरटेकर सुंदर राम और उनकी पत्नी नंदी देवी डरे और सहमे हुए हैं। सुंदर राम ने कहा कि सोमवार की रात उन्होंने दहशत में काटी। हालांकि आवास में पुलिस के जवान तैनात हैं।
गिरफ्तारी न होने से उठ रहे सवाल
भीमताल। सोमवार को हुई घटना के 24 घंटे बाद भी उपद्रव करने वालों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी भाजपा से जुड़े होने पर पुलिस के ऊपर नेताओं का दबाव बना हुआ है। इसकी वजह से भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में नामजद राकेश कपिल रामगढ़ क्षेत्र के सामाजिक कार्यों में आगे रहते हैं और उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं।
कोट
मंगलवार को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के गठित टीम लगातार दबिश दे रही है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी
दिल्ली से चार लोग पहुंचे सतखोल
भीमताल (नैनीताल)। सलमान खुर्शीद ने अपने कॉटेज में तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग की घटना के बाद मंगलवार को चार कर्मचारियों को दिल्ली से सतखोल भेजा है। केयरटेकर सुंदर राम की बेटी विमला ने बताया कि चारों सलमान खुर्शीद के दिल्ली स्थित कॉटेज में काम करते हैं। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद कॉटेज को सही कराया जाएगा। विमला के अनुसार पुलिस की ओर से सिपाही तैनात किए गए हैं।
खुर्शीद के घर हुई आगजनी की रिपोर्ट शासन को भेजी गई
हल्द्वानी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद के घर हुई आगजनी, तोड़फोड़ और फायरिंग की रिपोर्ट जिला पुलिस ने शासन को भेज दी है। बताया गया है कि हमलावरों ने आठ राउंड फायरिंग की थी। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के बंगले के सामने 15 नवंबर की दोपहर एक बजे सतखोल प्यूड़ा निवासी राकेश कपिल के साथ भाजपा के 20 लोग झंडा लेकर पुतला दहन करने के लिए पहुंचे थे। नारे लगाते हुए हिंदुवादी कार्यकर्ता कांग्रेस नेता के बंगले में घुस गए। दरवाजे पर डीजल डालकर लोगों ने आग लगाई। साथ की केयर टेकर सुंदर राम के परिवार के साथ अभद्रता की। इनमें से एक व्यक्ति ने खिड़की को लक्ष्य कर ताबड़तोड़ फायरिंग की। उन्होंने केयर टेकर की बहू अनीता के उपर पिस्टल तान दिया। इस मामले में पुलिस ने राकेश कपिल और अन्य के खिलाफ धारा 147,148, 436, 452, 504, के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी के अवकाश पर होने के कारण इस घटना की समीक्षा डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने की है। साथ ही पुलिस टीमों से रिपोर्ट मांगी है।
शीशे पर लगा खून हमलावर की गर्दन पकड़ेगा
हल्द्वानी। फोरेंसिक टीम ने सलमान खुर्शीद के बंगले से खोखा और जिंदा कारतूस के अलावा शीशे पर लगे खून को भी उठाया है। जांच के बाद शीशे का खून हमलावर की गर्दन पकड़ेगा।
फोरेंसिक टीम ने पत्थर के दो टुकड़ों को कब्जे में लिया है। जांच के दौरान पत्थर के टुकड़ों से भी पत्थर फेंकने वालों के फिंगर प्रिंट साक्ष्य के रूप में मिलेंगे। इसके अलावा शीशे पर लगा खून बता देगा कि किसका हाथ शीशे पर लगा था। पुलिस को आरोपियों का ब्लड टेस्ट कराना होगा। मौके से बरामद कारतूस के खोखे बता रहे हैं कि दहशत फैलाने के लिए असलहाधारी ने आठ राउंड फायरिंग की है। चूंकि .32 बोर लाइसेंसी पब्लिक के लिए है, इस कारण असलहा लाइसेंसी या अवैध भी हो सकता है लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही असलहाधारी का पता चल सकेगा।
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