हल्द्वानी। घनी आबादी के बीच खाली प्लॉट में रखे कबाड़ में अचानक आग धधक उठी। इससे इलाके में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की लपटों और तपिश से आसपास बने घरों को भी नुकसान पहुंचा है। अग्निकांड में कबाड़ मालिकों का लाखों का नुकसान हुआ है।
बरेली रोड स्थित उजाला नगर में नमरा मस्जिद के पास स्थित प्लॉट में रखे कबाड़ में बृहस्पतिवार शाम करीब 6:30 बजे अचानक आग धधक उठी। काला धुआं उठता देख आसपास के लोगों में चीख-पुकार के साथ ही भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। उसी दौरान वहां के रहने वाले चांद मोहम्मद ने अग्निशमन विभाग को फोन किया और आग की सूचना दी। चांद मोहम्मद ने बताया कि फोन करने के 10 मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड पहुंच गई। एफएसओ गोविंद आर्या ने बताया कि करीब आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक लाखों का माल जलकर राख हो चुका था। गनीमत रही कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना पर बनभूलपुरा थाने के एसओ नीरज भाकुनी और एफएसओ गोविंद राम आर्या भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इधर, आग से आसपास के घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कई घर की दीवारों में आग की गर्मी की वजह से दरारें पड़ गईं तो किसी के घर में रखा प्लास्टिक का सामान पिघल गया। पौधे भी झुलस गए। इसके अलावा घर में मौजूद बच्चों और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कतें हुईं।
प्लॉट में पड़ा था तीन साझेदारों का माल, लाखों का नुकसान
आग की सूचना पर लाइन नंबर एक के रहने वाले शाहनवाज हुसैन जब मौके पर पहुंचे तो रोते हुए वहीं बैठ गए। उन्होंने बताया कि वह कबाड़ का काम करते हैं और उनकी दुकान लाइन नंबर आठ में है। बताया कि उनके साथ क्षेत्र के ही हाजी अकरम और दीपक का भी कबाड़ है। वे पिछले करीब 30 साल से कबाड़ का काम कर रहे हैं। शाहनवाज ने बताया कि आग से करीब 8 से 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
प्लास्टिक ने खड़ी की समस्या, निगम से मंगाई जेसीबी
एफएसओ गोविंद आर्य ने बताया प्लॉट में बड़ी संख्या में शराब के प्लास्टिक और कांच की बोतलें और पव्वे रखे थे। आग की वजह से प्लास्टिक की शीशियां जलकर कांच की बोतलों पर चिपक गई थीं। इसकी वजह से पानी नीचे तक नहीं पहुंच पा रहा था और आग बार-बार भड़क रही थी। इसकी वजह से पहले पहुंचे दो टैंकर जब आग पर काबू नहीं पा सके तक तत्काल तीसरा टैंकर मंगाया गया। इसके बाद पानी को नीचे तक पहुंचाने के लिए मलबे को हटाना जरूरी था, जिसके लिए नगर-निगम से फोन करके जेसीबी मंगाई गई और उसके बाद प्लास्टिक और कांच की शीशियों को हटाकर पानी को नीचे तक पहुंचाया गया था।
प्लॉट से जा रहे बिजली के तार पर जताई आशंका
बातचीत के दौरान एफएसओ ने बताया कि घटना स्थल के पास सड़क पर लगे बिजली के पोल से कुछ तार प्लॉट के अंदर की तरफ जा रहे हैं। ध्यान देने पर तार झूलते हुए दिखाई दिए। आशंका है कि तारों में हुई स्पार्किंग की वजह से हादसा हुआ हो, लेकिन अभी इसकी जांच की जा रही है। जांच में अगर तथ्य सही पाए जाते हैं तो विद्युत विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई को आगे भी बढ़ाया जाएगा। हालांकि प्लॉट में शराब की बोतलों के साथ-साथ कूड़ा-करकट भी पड़ा था। इस लिहाज से यह भी आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति ने अगर जलती हुई माचिस की तीली, बीड़ी या सिगरेट कुछ फेंका होगा, तो उसकी वजह से भी आग लग सकती है।
पांच माह में 90 से ज्यादा आग के मामले हुए
हल्द्वानी क्षेत्र में बात की जाए अग्निकांडों की तो जनवरी से लेकर अब तक 90 से भी ज्यादा मामले हो चुके हैं। एफएसओ के मुताबिक इन आंकड़ों में से करीब 20 मामले वन अग्नि के हैं और बकाया आबादी, घर और प्रतिष्ठानों में होने वाली घटनाएं शामिल हैं। बताया कि आग से बचाव और सावधानी के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से हर माह में दो बार औद्योगिक और शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण शिविर भी लगाया जाता है।
--पड़ोसियों की आंखों देखी---
घटना के समय मैं घर पर मौजूद नहीं था। आग का विकराल रूप देख बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं डर गए और फोन पर सूचना दी। पता चलते ही जब घर आया तो घर के गेट खोलना दूभर हो गया था और इसका कारण था आग की तपिश से गेट और दीवार गर्म हो चुका था।
-शकील आजम -- फोटो
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आग लगने के कुछ ही देर में घर के अंदर काला धुआं भर गया। किसी तरह बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को घर के बाहर किया। दीवार इतनी गर्म हो गई थी कि दरार आ गई। यहां तक कि कमरे में लगे पंखे की प्लास्टिक भी पिघल गई थी। मोटर चलाकर खुद भी आग बुझाने की कोशिश की थी।
-मोहम्मद सुलेमान सैफी-- फोटो