नैनीताल। शोधार्थियों के साथ ओपन हाउस चर्चा के बाद कुलपति प्रो. डीएस रावत ने विश्वविद्यालय के सभी शोधार्थियों को संबोधित करते हुए एक खुला ईमेल जारी किया है। इस ईमेल में उन्होंने शोधार्थियों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया है।
ओपन हाउस चर्चा के दौरान यह सामने आया कि विश्वविद्यालय के तीन विभागों में वर्ष 2024 में कोर्स वर्क उत्तीर्ण कर चुके शोधार्थियों की अब तक आरडीसी (रिसर्च डॉक्टोरल कमेटी) आयोजित नहीं की गई। इस पर कुलपति ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण और देरी के कारणों पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। कुलपति ने कहा अब विश्वविद्यालय में आरडीसी की प्रक्रिया को समयबद्ध और अनिवार्य बनाया जा रहा है। इसके तहत पीएचडी कोर्स वर्क के परिणाम घोषित होने के न्यूनतम 45 दिनों के भीतर आरडीसी का आयोजन किया जाना अनिवार्य होगा।
शोधार्थियों की मांग पर अनुसंधान में उपयोग होने वाले विभिन्न सॉफ्टवेयरों के प्रशिक्षण के लिए शीघ्र कार्यशाला आयोजित की जाएगी। शोधार्थियों से कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी की ओर से उनसे कोई अनुचित मांग की जाती है तो वे रिकॉर्डिंग साक्ष्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि ऐसी शिकायतों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।