प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में लिये जाने वाले छात्र शुल्क में एकरूपता लाने के लिए उच्चशिक्षा निदेशालय स्तर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। मंगलवार को उच्चशिक्षा निदेशालय में प्राचार्यों की बैठक में इस पर मंथन हुआ। महाविद्यालयों में नये सत्र से कितना छात्र शुल्क लिया जाएगा इसका निर्धारण बुधवार को होगा।
उच्चशिक्षा मंत्री डा. धनसिंह रावत ने महाविद्यालयों में छात्र शुल्क में एक रूपता लाने के संबंध में उच्चशिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मंगलवार को उच्चशिक्षा निदेशक डा. बीसी मेलकानी की अध्यक्षता में प्राचार्यों की बैठक हुई। बैठक में महाविद्यालयों में छात्र निधि के शुल्कों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
प्राचार्यों के सुझाव पर छात्र निधि शुल्कों का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसे बुधवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह व्यवस्था महाविद्यालयों में सत्र 2017-18 से लागू होनी है।
बैठक में उच्चशिक्षा उपनिदेशक डा. केके पांडे, महिला कालेज के प्राचार्य डा. पीके पाठक, एमबी कालेज के प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद, काशीपुर के प्राचार्य डा. एसएस सिराड़ी, गोपेश्वर के प्राचार्य डा. पीएस मखलोगा, उत्तरकाशी के प्राचार्य डा. केएल मालगुड़ी, ऋषिकेश के डा. एनपी माहेश्वरी, नई टिहरी के प्राचार्य डा. अशोक कुमार, रानीखेत के चंद्रराम, निदेशालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डीएस बगड़वाल आदि मौजूद रहे।