हल्द्वानी। ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में जांच के दौरान जन्मतिथि से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल से जुड़ा मामला सामने आया है। ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने वाले लोगों से पूछताछ की। इसमें फर्जी प्रमाणपत्र बनाने में ऊधमसिंह नगर और शाहजहांपुर जिले के कुछ साइबर कैफे की भूमिका सवालों के घेरे में है। संदेह है कि इन इन जगहों से गलत प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। मामले में ईपीएफओ ने पुलिस साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
ईपीएफओ कार्यालय में जन्मतिथि और नाम संशोधन के लिए आवेदन किए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति की उम्र में तीन साल से कम का अंतर है तो आधार कार्ड के आधार पर ईपीएफओ कार्यालय में बदलाव हो जाता है इससे अधिक उम्र में बदलाव के लिए हाई स्कूल प्रमाणपत्र जैसे जन्मतिथि के प्रमाण पत्रों की जरूरत होती है। सूत्रों के अनुसार ईपीएफओ कार्यालय में तीन ऐसे प्रमाणपत्र आए हैं जिसमें फर्जी तरीके से आयु में बदलाव किया गया था। जब ईपीएफओ कार्यालय ने प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन आदि माध्यमों से सत्यापन किया तो मामले का पता चला। सूत्रों के मुताबिक ईपीएफओ कार्यालय ने ऐसे प्रमाण पत्र लगाने वाले लोगों से भी पूछताछ की तो उन्होंने प्रमाण पत्र कैसे बनाए गए और उसमें कौन शामिल ( दो अलग - अलग जिलों के साइबर कैफे संचालक पर संदेह जताया) है, उसकी जानकारी दी है। इसके आधार पर ईपीएफओ अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।