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न रोजगार मिला, न बेरोजगारी भत्ता

Tue, 24 Jan 2017 11:53 PM IST
भूपेंद्र मोहन रौतेला
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non working muslim, non-working population, Census office, non workers in india, unemployment, - फोटो : gettyimages
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पृथक उत्तराखंड राज्य गठन के पीछे अन्य मुद्दों के साथ ही एक मुख्य मुद्दा यह भी था कि यहां के बेरोजगारों को राज्य में ही रोजगार मिल सकेगा। जितनी भी सरकारें आई और जितने में जनप्रतिनिधि चुनकर आए उन्होंने इस मुद्दे को हाशिए पर डाल दिया।
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नैनीताल जिले को ही लें तो राज्य गठन के बाद से अब तक रोजगार दफ्तरों में 1 लाख 5 हजार 844 बेरोजगार पंजीकृत हैं, लेकिन रोजगार मिला है मात्र 1618 को। दूसरी ओर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता मिलना भी अब बंद हो गया है।

जिले में 7485 आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला है। इसके लिए 13 करोड़ रुपए की दरकार है। हर दृष्टि से बेरोजगार अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। आंकडों पर अगर नजर डालें तो वर्ष 2001-02 में 12514 बेरोजगारों में से मात्र 25 को रोजगार मिला।
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वर्ष 2002-03 में 7178 में से 251, 2003-04 में 6072 में से 250, 2004-05 में 7115 में से 23, 2005-2006 में 19890 में से 86, 2006-07 में 21838 मेें से 96, 2007-08 में 8944 में से 213, 2008-09 में 15386  में से 185, 2009-10 में 10660 में से 45, 2010-11 में 19937 में  से 41, 2011-12 में से 19239 में से 51, 2012-13 में 17436 में से 125, 2013-14 में से 28258 में से 93, 2014-15 में 16363 में से 83, 2015-16 में 22782 में से 11 तथा वर्ष अप्रैल 2016 से लेकर दिसंबर 2016 तक पंजीकृत 15 हजार बेरोजगारों में से मात्र 40 बेरोजगारों को रोजगार मिला।

जिले में बेरोजगारी भत्ते के लिए 7485 बेरोजगारों ने आवेदन किया है। नैनीताल शहर की बात करें तो यहां पंजीकृत 4047 बेरोजगारों को सिंतबर 2014 तक ही बेरोजगारी भत्ता मिल पाया है।

नैनीताल में अब बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ते के लिए 8 करोड़ रुपये चाहिए। हल्द्वानी में पात्र 1981 बेरोजगारों को मार्च 2015 तक बेरोजगारी भत्ता दिया गया, शेष आवेदकों को 3 करोड़ रुपए की जरूरत है। रामनगर में पंजीकृत 1457 बेरोजगारों को दिसंबर 2014 तक ही बेरोजगारी भत्ता मिल सका है, उन्हें 2 करोड़ की जरुरत है।

रोजगार और बेरोजगारी भत्ता दिलाना रहेगी प्राथमिकता : सरिता
विधायक सरिता आर्या ने कहा कि वर्तमान में सरकारी नौकरियां तो सीमित हो चली हैं लेकिन प्रयास रहेगा कि विधानसभा क्षेत्र के रोजगार दफ्तर के माध्यम से अधिक से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।

इसके अलावा स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। बेरोजगारी भत्ता न मिलना भी गंभीर मुद्दा है। जनता ने अगर मुझ पर भरोसा जताया तो दोनों मुद्दों का प्राथमिकता से हल करूंगी।
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