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इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की नहीं हुई इमरजेंसी जांच

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soban singh jeena base hospital
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हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में अवकाश के दिन मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। बुखार के मरीजों को दवा देकर टरका जाया जा रहा है।
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गांधी जयंती के अवसर पर बेस अस्पताल में पैथालाजी और कैश काउंटर खुला हुआ था। इमरजेंसी मेें पहुंचे बुखार से पीड़ित रोगियों को दवा देकर टरका दिया गया और उनकी जांच नहीं की गई। बेस अस्पताल में भर्ती डेंगू के संदिग्ध मरीजों की ही खून की जांच हुई। इस संबंध में बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरीश लाल ने बताया कि अवकाश के दिन कैश काउंटर और पैथालाजी खुल रही है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध रोगियों की जांच की जाए। कहा कि बृहस्पतिवार को सभी डाक्टरों को एक बार और हिदायत दी जाएगी कि अवकाश के दिन आने वाले मरीजों की भी जांच करें। बता दें कि डीएम के आदेश के बाद बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू के मरीजों की जांच राजकीय या साप्ताहिक अवकाश के दिन भी हो रही है।
डेंगू के 52 नए मरीज मिले, 105 भर्ती
हल्द्वानी। प्रतिदिन डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं। डेंगू नियंत्रित कर पाने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। एलाइजा जांच के बाद 52 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू मरीजों की संख्या 18 सौ पहुंच गई है।
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अगस्त से शुरू हुआ डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लंबी चौड़ी फौज के बाद भी डेंगू को नियंत्रित नहीं कर सका है। बेस अस्पताल में एलाइजा जांच के बाद 39, एसटीएच में 08 और निजी लैब में 05 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जबकि बेस में 61, एसटीएच में 35 और हल्द्वानी में 09 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। एसटीएच में बुखार और डेंगू के 115 और बेस अस्पताल में बुखार और डेंगू के 135 मरीज भर्ती हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बनभूलपुरा, गोलचा कंपाउंड, राजेंद्र नगर, राजपुरा, जवाहर नगर में जाकर 648 घरों में डेंगू से बचाव की जानकारी देने के साथ ही लार्वा भी नष्ट किए।
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एसटीएच से शिफ्ट होगा वन स्टॉप सेंटर
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा वन स्टाप सेंटर पंचायत चुनाव होने के बाद ब्लाक कार्यालय में शिफ्ट होगा। सूत्रों की मानें तो ब्लाक कार्यालय में वन स्टाप सेंटर के लिए नया भवन बना है। आदर्श आचार संहिता हटने के बाद वन स्टाप सेंटर को शिफ्ट किया जाएगा। अपराध का शिकार होने के बाद वन स्टाप सेंटर पहुंचने वाली महिलाओं को इलाज की सुविधा भी मिल जाती थी। महिलाओं को मदद के लिए ब्लाक कार्यालय तक जाना पड़ेगा और इलाज के लिए एसटीएच आना पड़ेगा। अस्पताल आने वाले मरीज हेल्पलाइन नंबर से संपर्क कर मदद ले सकते हैं।
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