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Nainital: पृथ्वी आज अपनी सबसे धीमी गति से दौड़ लगाएगी, तेज गर्मी से धरती भी हुआ आलसी; जानिए क्या होगा?

Sat, 06 Jul 2024 12:04 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

लंबे समय से पड़ रही गर्मी ने मानों पृथ्वी को भी कुछ आलसी बना दिया है। सूर्य का चक्कर लगाने में पृथ्वी आज अपनी सबसे धीमी गति से दौड़ लगाएगी।
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earth - फोटो : istock
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लंबे समय से पड़ रही गर्मी ने मानों पृथ्वी को भी कुछ आलसी बना दिया है। सूर्य का चक्कर लगाने में पृथ्वी आज अपनी सबसे धीमी गति से दौड़ लगाएगी। आज छह जुलाई को अपनी अंडाकार कक्षा में सूर्य का चक्कर लगाते हुए पृथ्वी सूर्य से अपनी सर्वाधिक दूरी पर पहुंच जाएगी। एफीलियन (अपसौर) की यह घटना वर्ष में एक बार तब होती है, जब पृथ्वी सूर्य से सर्वाधिक दूरी पर होती है। इस दौरान पृथ्वी सूर्य से 152 मिलियन किमी दूर होती है।

इसके विपरीत पेरीहीलियन (उपसौर) स्थिति में पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है जब पृथ्वी सूर्य से 147 मिलियन किमी दूर होती है। आम तौर पर 3 जनवरी के आसपास पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट और जुलाई प्रथम सप्ताह में सबसे दूर होती है। इन अवधि में पृथ्वी की सूर्य से दूरी में लगभग पचास लाख किमी का अंतर आ जाता है।

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इस दौरान उसकी गति भी परिवर्तित होती रहती है। पेरीहीलियन की स्थिति में जब पृथ्वी सूर्य से सर्वाधिक निकट होती है तब सूर्य का चक्कर लगाने की उसकी गति बढ़कर 30.28 किमी प्रति सेकंड हो जाती है, जबकि आज जैसी सर्वाधिक दूरी पर इसकी गति घट कर 29.3 किमी प्रति सेकंड रह जाती है।

किसी ग्रह की कक्षीय गति इस बात पर निर्भर करती है कि वह सूर्य से कितनी दूर है। कोई ग्रह सूर्य के जितना करीब होता है, सूर्य का गुरुत्वाकर्षण उस पर उतना ही ज्यादा प्रभावी होता है और ग्रह उतनी ही तेज गति से अपनी कक्षा में आगे बढ़ता है। यह सूर्य से जितना दूर होता है सूर्य का गुरुत्वाकर्षण उतना ही कमजोर हो जाता है और यह अपनी कक्षा में उतनी ही धीमी गति से आगे बढ़ता है। पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर घूमने से मौसम के परिवर्तन होते हैं।

अंतरिक्ष वैज्ञानिक शशि भूषण पांडे का कहना है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर भी 1670 किमी प्रति घंटे की गति से घूमती है जिसके कारण दिन और रात होते हैं और हवाओं को भी बहने की गति व दिशा मिलते हैं।
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