नैनीताल। हाईकोर्ट ने जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की ओर से सूखाताल क्षेत्र में अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए दिए गए नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए इसे अन्य बेंच को रेफर कर दिया है। कोर्ट ने अधिकारियों को मौखिक रूप से निर्देश दिए हैं कि वे मामले की सुनवाई शुरू होने तक सूखाताल क्षेत्र में ध्वस्तीकरण संबंधी किसी भी तरह की कार्रवाई न करें।
सूखाताल निवासी अधिवक्ता सुधीर सिंह ने जिला विकास प्राधिकरण और नगर पालिका द्वारा सूखाताल में अवैध निर्माण कार्यों के बृहस्पतिवार से प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अधिवक्ता का कहना था कि प्राधिकरण और नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में रह रहे लोगों को दिए गए नोटिस पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने हाईकोर्ट से ध्वस्तीकरण अभियान पर रोक लगाने की मांग की।
न्यायामूर्ति मनोज तिवारी की कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह इससे संबंधी एक जनहित याचिका में पूर्व में स्पेशल कांउसिल रह चुके हैं। लिहाजा वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकते हैं। उन्होंने इस मामले को अन्य बेंच को रेफर करते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों को मौखिक निर्देश दिए कि मामले की सुनवाई शुरू होने तक सूखाताल क्षेत्र में ध्वस्तीकरण संबंधी किसी भी तरह की कार्रवाई न की जाए।