जिलाधिकारी दीपक रावत ने बुधवार को भीमताल ब्लाक के दूरस्थ गांव मोरा में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनी। डीएम के आने से उत्साहित ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। डीएम ने भी ग्रामीणों को निराश नहीं किया और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आज मैं आ गया हूं, जल्द ही आपके गांव तक विकास भी आएगा।
ग्रामीणों ने उक्त गांव को सड़क से जोड़ने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। लोनिवि के अधिकारियों ने डीएम को बताया कि भुजियाघाट मुख्य सड़क से मोरागांव और बल्यूटी से मोरागांव तक सड़क बनाने का सर्वे किया गया था, जो कि वन अधिनियम के चलते शासन से निरस्त हो गया। इस पर डीएम ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को दुबारा सर्वे के निर्देश दिए।
ज्योलीकोट से करीब दो किमी आगे तक गाड़ी से जाने के बाद डीएम और संबंधित अधिकारी करीब 11 किमी पैदल सफर किया। ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि मोरा गांव से भुजियाघाट तक खड़ंजा है, जिसमें दो बड़े गधेरे पड़ते है। बरसात में दोनों गधेरे उफान पर होने के कारण ग्रामीणों विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में कई बार दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने डीएम से दोनो गधेरों में पैदल पुल बनवाने की मांग की। इस पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने डीएम को बताया कि दोनों पुलों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं और उनके स्वीकृत होने की संभावनाएं हैं। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को स्वयं रुचि लेकर इस कार्य को अति शीघ्र कराने के निर्देश दिए। ताकि बरसात से पहले पुलों का निर्माण हो सके।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में मिनी खेल मैदान बनवाने और सिंचाई गूल की मरम्मत कराने की भी मांग की। डीएम ने ग्रामीणों से खाद्यान्न आपूर्ति, टीकाकरण, पेयजल, विद्युत आपूर्ति आदि के बारे में भी पूछताछ की।
चौपाल में जिला पंचायत सदस्य डॉ. हरीश बिष्ट गणेश मेहरा, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान, बीडीसी सदस्य सुंदर लाल आर्य, ग्राम प्रधान विपिन पलड़िया, राम सिंह जीना, पान सिंह जीना, किशन सिह जीना, डीडीओ एएस गुंज्याल, अधिशासी अभियंता एसके गर्ग, बृजेश गुप्ता, करमपाल सिह, केएस बिष्ट, समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला, उद्यान अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिह, बीडीओ दिनेश दिगारी आदि थे।
डीएम दीपक रावत नैनीताल जिले के पहले ऐसे डीएम हैं जो कि भीमताल ब्लाक के दूरस्थ क्षेत्र मार्कंडेय कुंड आश्रम तक पहुंचे हैं। बुधवार को वह ज्योलीकोट से लगभग 11 किमी का पैदल सफर तय कर आश्रम में पहुंचे। उन्होंने इस प्राचीन कुंड में न सिर्फ पूजा-अर्चना की, बल्कि ग्रामीणों की मांग पर पूजा-अर्चना समेत धार्मिक कार्यों के लिए मार्कंडेय कुंड में टिनशेड बनाने की भी घोषणा की।
मोरा गांव के बुजुर्गों ने डीएम को बताया कि आज तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनके गांव तक नहीं पहुंचा है, वह पहले डीएम हैं जिन्होंने गांव में पहुंचकर समस्याएं सुनी और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।