हल्द्वानी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर डीएम ललित मोहन रयाल ने शुक्रवार को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रारंभिक तैयारियों की जानकारी दी। कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के अनुच्छेद के तहत आयोग एसआईआर कर रहा है।
डीएम ने बताया कि इसके पहले भी 11 बार एसआईआर कार्यक्रम पूरे देश में हो चुका है। प्रदेश में वर्ष 2003 में एसआईआर हुआ। इसका उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना है। मतदाता सूची के प्रत्येक भाग के लिए राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट का उसी मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। अब तक भाजपा और कांग्रेस ने ही बीएलए-1 की नियुक्ति की है। बीजेपी ने 212 बीएलए-2 की नियुक्ति की है। वहां एडीएम विवेक राय, एसडीएम राहुल शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे आदि थे।
इन दस्तावेज को लगाएं
- एसआईआर के लिए केंद्र व राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी, पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
- एक जनवरी 1987 से पहले का स्थानीय प्राधिकर, बैंकों, डाकघर, एलआईसी, पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र
- बोर्ड, विश्वविद्यालयों द्वारा शैक्षिक प्रमाणपत्र। ओबीसी/एससी/एसटी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कोई भी जाति प्रमाणपत्र।