हल्द्वानी। कोरोना के खौफ के बीच डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। हल्द्वानी और रानीखेत के एक-एक मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती है। डेंगू के दो अन्य मरीजों का भी कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आया है और एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। इधर, मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही डायरिया और वायरल बुखार बच्चों को चपेट में ले रहा है।
वर्ष 2019 में डेंगू के प्रकोप को लोग भूले नहीं हैं। वर्ष 2020 में कोविड ने दस्तक दी थी और डेंगू और मलेरिया के केस नहीं आए थे। माना जा रहा था कि कोविड से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन कराने के कारण डेंगू मच्छर नहीं पनप सका और एक भी केस नहीं मिला। इस वर्ष जोशी विहार गौजाजाली निवासी 14 वर्षीय एक बच्चे की एलाइजा जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जबकि रानीखेत अल्मोड़ा निवासी 15 वर्षीय बच्चे में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों को इलाज के लिए एसटीएच में भर्ती कराया गया है। रानीखेत निवासी बच्चा मूलत: नेपाल का रहने वाला है जबकि चंपावत निवासी 14 वर्षीय एक बच्चे और हल्द्वानी निवासी 30 वर्षीय एक व्यक्ति का डेंगू कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आया है। 50 वर्षीय अल्मोड़ा निवासी एक महिला को बेस में भर्ती किया गया है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. हरीश लाल ने बताया कि मंगलवार की सुबह और शाम को कार्ड टेस्ट किया गया दोनों बार रिपोर्ट निगेटिव आई है। एलाइजा जांच के लिए महिला का सैंपल भेजा गया है। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि दोनों का इलाज एसटीएच में चल रहा है जबकि कार्ड टेस्ट पॉजिटिव आए दोनों के सैंपल एलाइजा जांच को भेजा गया है।
एसटीएच में तीस, बेस में दस बेड आरक्षित
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। डेंगू मरीजों के लिए अस्पताल में मच्छरदानी समेत अन्य व्यवस्थाएं की हैं।
एसटीएच के बाल रोग वार्ड में ओखलकांडा निवासी पांच वर्षीय डेंगू पीड़ित बच्चा भर्ती है। उसे आईसीयू में रखा गया है और उसकी हालत गंभीर है। कार्ड जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। बाल रोग वार्ड से डेंगू पीड़ित एक बच्चे की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज किया गया। बेस अस्पताल में अल्मोड़ा के एक 23 वर्षीय युवक को प्लेटलेट्स गिरने और डेंगू के लक्षण होने के कारण एसटीएच भेज दिया गया। इस मरीज में अभी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज