हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले मसीत बैरियर पर अवैध वसूली के मामले में एक डिप्टी रेंजर और दो वन दरोगा पर कार्रवाई हुई है। डीएफओ ने तीनों के निलंबन की संस्तुति की थी, इसके बाद वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त राहुल ने तीनों को निलंबित कर दिया है।
सात अगस्त को तराई केंद्रीय वन प्रभाग डीएफओ ने रुद्रपुर रेंज के मसीत बैरियर पर वाहन स्वामियों से अवैध वसूली का मामला पकड़ा था। इसमें वन कर्मियों की भूमिका सवालों में थी। डीएफओ ने डिप्टी रेंजर और दो वन दरोगा के निलंबन की संस्तुति वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त को भेजी थी। इसके बाद वन संरक्षक डिप्टी रेंजर आशोक कुमार टम्टा, वन दरोगा मदन मोहन आर्या और कांताराम को मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया है। तीनों को डीएफओ कार्यालय से अटैच किया गया है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल का कहना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होगी।
बयानों के आधार पर कार्रवाई
हल्द्वानी। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त ने निलंबन आदेश जारी किया है, इसमें कहा गया है कि डीएफओ ने गेट का औचक निरीक्षण किया था। इसमें उगाही की जा रही थी। वन संपदा की निकासी लेने वाले वाहन स्वामियों, गेट पर तैनात कार्मिकों/ श्रमिकों के बयान लिए गए थे। बता दें कि पीसीसीएफ राजीव भरतरी ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के किलपुरा रेंज के रेंजर को बृहस्पतिवार को निलंबित किया था।
वन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी
हल्द्वानी। वन विभाग में भ्रष्टाचार के एक बाद एक मामले सामने आए हैं। डीएफओ ने मौके पर जाकर जहां गड़बड़ियां पकड़ी हैं। ऑडियो भी वायरल हुए हैं। किरकिरी के बाद अफसर सख्त हुए हैं। कुछ ही समय में कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
वन विभाग के बैरियर आदि जगहों पर गड़बड़ी को लेकर चर्चाएं होती रहती थी। पर इस बार डीएफओ तराई केंद्रीय ने मौके पर जाकर स्वयं गड़बड़ी पकड़ी। इसके बाद एक डिप्टी रेंजर और दो वन दरोगा को निलंबित किया गया है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के किलपुरा रेंज के रेंजर को निलंबित किया गया था। इस रेंज में अवैध कटान और अवैध खनन जैसे मामलों को लेकर सवाल उठे थे। इन घटनाओं के बाद उच्चाधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। प्रकरणों से विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
पहले भी हो चुके ऑडियो वायरल
हल्द्वानी। एक आडियो वायरल हुआ है, जो जंगलात से जुड़ा बताया जा रहा है। इसमें प्रकाष्ठ के मामले में लेनदेन जैसी बात है। यह पहली बार नहीं है जब जंगलात से जुड़ा बताया जा रहा कोई ऑडियो वायरल हुआ हो। 2019 में एक ऑडियो वायरल हुआ था, इसमें खनन कारोबारी को लेकर एक वन दरोगा की बातचीत को लेकर कहे रहे जा रहे इस ऑडियो में लेनदेन जैसी बात थी। इसके बाद तराई पूर्वी वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ नीतिशमणि त्रिपाठी ने वन दरोगा को निलंबित कर दिया था, साथ ही रेंजर से रेंज का चार्ज लिया गया था। 2019 में ही संबंधित प्रभाग का बताया जा रहा एक और ऑडियो-वीडियो वायरल होने की बात भी सामने आई थी, इसमें खनन के खेल से जुड़ी बात कही जा रही थी।
भ्रष्टाचार के मामलों में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
हल्द्वानी। वन विभाग में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद खलबली मची हुई है। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त राहुल ने प्रभागीय वनाधिकारियों (तराई केंद्रीय, तराई पूर्वी, तराई पश्चिमी, रामनगर और हल्द्वानी वन प्रभाग) को पत्र लिखा है। इसमें भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। वन संरक्षक के पत्र में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं से विभाग की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में वनाधिकारी विभागीय कर्मियों की जनमामनस में ख्याति के संबंध में जानकारी रखें। प्रतिकूल जानकारी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रभागीय वनाधिकारियों को लंबी दूरी की गश्त के संबंध में भी निर्देश दिए हैं। गश्त की रिपोर्ट भी मासिक तौर पर वन संरक्षक कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है। बता दें कि तराई पूर्वी वन प्रभाग में किलपुरा रेंज में अवैध कटान आदि का मामला सामने आया था। पीसीसीएफ ने किलपुरा रेंजर को निलंबित भी किया था।