सूफी गायक और पंजाबी लोकगायक मोहम्मद इरशाद के... दमादम मस्त कलंदर, अली दा पहला नंबर गाना गाते ही डीएसबी परिसर के सभागार में मौजूद विद्यार्थी झूम उठे। यह मौका था कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से डीएसबी परिसर में आयोजित तीन दिनी ग्रीष्म उत्सव का। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
दूसरे दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त से देहरादून में आयोजित होने वाले पुस्तक मेले में भी उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा गढ़वाल विश्वविद्यालय में भी संस्कृति मंत्रालय के दल का कार्यक्रम कराया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि लोक संस्कृति और लोकनृत्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं और एक दूसरे के रीति रिवाजों से भी परिचित कराते हैं। इससे पूर्व इरशाद के गीतों पर सभागार में मौजूद छात्र-छात्राएं झूम उठे।
इसके अलावा जम्मू कश्मीर के दल ने रूफ नृत्य, महाराष्ट्र के दल ने लावणी, पश्चिम बंगाल के दल ने नटुवा, त्रिपुरा के दल ने होजागिरी, मणिपुर के दल ने पुंग चोलम, गुजरात के दल ने मेर रास, ओडिसा के दल ने गोटी पुआ, उत्तराखंड के दल ने छपेली, हरियाणा के दल ने फाग, पंजाब के दल ने भांगड़ा और राजस्थान से पहुंचे कलाकारों ने भपंग वादन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
इस मौके पर कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल, परिसर निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता, डॉ. देवेंद्र बिष्ट, डॉ. आशीष तिवारी, छात्रसंघ अध्यक्ष दिग्विजय सिंह मेहरा, जितेंद्र बंगारी, दीपक मलकानी, मोहित साह, पंकज भट्ट, नवीन भट्ट आदि थे।