हल्द्वानी। प्रदेश के सहकारिता एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने शनिवार को यहां सर्किट हाउस में दुग्ध महकमे की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को दो लाख लीटर से बढ़ाकर प्रतिदिन 10 लाख लीटर किया जाए। राज्य में 26 लाख लीटर दूध की खपत है जिसमें से दुग्ध महकमा केवल दो लाख लीटर की आपूर्ति कर पा रहा है।
शनिवार को सर्किट हाउस में कुमाऊं मंडल के दुग्ध अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए नई कार्य रणनीति तैयार की जायेगी। बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिले में एक माह के भीतर नये दुग्ध संघ स्थापित कर दिये जाएंगे। उप निदेशक संजय कुमार को दुग्ध संघ खोले जाने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा गया। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में दुग्ध उपार्जन बढ़ाने को नई समितियों खोलने तथा पुरानी दुग्ध समितियों को पुनर्गठित करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठक में दुग्ध समितियों से विभाग को जोड़ने के लिए मोबाइल एप तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। मंत्री ने आंचल के उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था करने को लघु फि ल्मों का प्रसारण कराने और एक माह के भीतर प्रदेश के प्रत्येक दुग्ध संघ स्तर पर किसान मेले आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
डा. रावत ने कहा कि विभाग में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा तथा इसके विपरीत आचरण करने वाले कर्मचारियों को तत्काल निलंबित किये जाने की कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने आंचल पशु आहार की गुणवत्ता और विपणन की व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया।
बैठक में रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट के अलावा यूसीडीएफ के सामान्य प्रबंधक दीप बिष्ट, लालकुआं दुग्ध संघ के पीसी शर्मा, सहायक निदेशक अशोक चौहान आदि अधिकारी मौजूद रहे। पशु आहारशाला तथा बंद पड़ी सोयाबीन फैक्ट्री की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति 15 दिन के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। मंत्री के मुताबिक समय से जांच करने का निर्देश दिया गया है।