नैनीताल। नैनीताल के बारा पत्थर क्षेत्र में सरकारी भूमि से कब्जे खाली कराने के वीडियो को आतंकी संगठन से जोड़कर वायरल करने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर रविवार को उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने कोतवाली में शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
विगत पांच मई को नैनीताल के बारा पत्थर क्षेत्र में जिला प्रशासन के नेतृत्व में डीडीए, पालिका व वन विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस की मौजूदगी में सरकारी भूमि से कब्जे खाली कराकर इनसे अतिक्रमण हटाया था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने वीडियो भी बनाए। इधर, रविवार को सोशल मीडिया में इस अभियान का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसे आतंकी संगठन के साथ जोड़ा गया है। इस संबंध में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नितिन कार्की ने कोतवाली में शिकायती पत्र देते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने के वीडियो में एडिटिंग कर आतंकवादी संगठन के आईएसआईएस के झंडे व लड़ाके दिखाए जा रहे हैं। इससे समाज में भय पैदा किया जा रहा है। अधिवक्ता ने वीडियो के प्रचार प्रसार पर रोक लगाने और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाल प्रीतम सिंह ने बताया कि शिकायत के बाद एक व्यक्ति का मोबाइल कब्जे में लेकर सोशल मीडिया सर्विलांस यूनिट को भेजा गया है। तथ्य सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कारवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।