रोडवेज स्थित एक कार से बच्ची के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। मंगलपड़ाव पुलिस चौकी ने एक घंटे के अंदर सूर्या होटल में पूछताछ के बाद घटना का पटाक्षेप कर दिया। पूछताछ से पता चला कि दो पक्षों में विवाद के चलते ट्रेनर की दस साल की बेटी बस से बाहर निकलकर कार में बैठ गई थी। बच्ची का अपहरण नहीं किया गया था।
कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के पिहोवा निवासी संजय कुमार अपनी बेटी रुबल (10) के साथ रेलवे बाजार स्थित सूर्या होटल में दो दिन से ठहरे थे। संजय आंखों पर पट्टी बांधकर बच्चों को किसी चीज को समझने की कला सिखाते हैं। रामपुर के फैय्याज और महफूज मियां इनके पार्टनर है। मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद होने पर संजय अपनी बेटी के साथ घर जाने के लिए रोडवेज स्थित बस में बैठ गए।
यहां झगड़ा बढ़ने पर बच्ची बस से निकलकर फैय्याज की कार में बैठ गई। इस बीच किसी ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि बच्ची का कार सवारों ने अपहरण कर लिया है। इस पर मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी ने कार का पीछा किया। कार रेलवे बाजार स्थित होटल सूर्या के सामने खड़ी मिली। चौकी प्रभारी नीरज भाकुनी ने बताया कि संजय ने भोटिया पड़ाव स्थित एक स्कूल में मंगलवार को बच्चों को ट्रेनिंग दी है। बुधवार को बदाऊं में बच्चों को ट्रेनिंग देनी थी। इससे पहले फैय्याज और महफूज से उसका विवाद हो गया था। झगड़े से घबराकर बेटी नीचे उतर गई थी।