आईटीबीपी परीक्षा पेपर लीक मामले में पुुलिस की जांच के दौरान पता चला है कि संदेह के दायरे में आए आईटीबीपी के तीन जवानों के मोबाइल के मैसेज डिलिट हो गए हैं।
तीनों मोबाइल को जांच के लिए विवेचक ने चंडीगढ़ स्थित लैब भेज दिया है। अभी तीन और मोबाइल को जांच के लिए भेजा जाना है। पता चला कि पेपर लीक होने के बाद कई लोगों ने मोबाइल के मैसेज को उड़ा दिया था।
आईटीबीपी दूर संचार आरक्षी पद के लिए 29 मार्च को छोटी मुखानी स्थित स्कूल में परीक्षा आयोजित थी। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए गाजियाबाद निवासी यूपी पुलिस का सिपाही संजय सिंह का भाई भी आया था।
परीक्षा समाप्त होेते ही बाहर खड़े सिपाही संजय सिंह ने आईटीबीपी के अधिकारियों को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका मोबाइल लेकर व्हाट्सअप से पेपर लीक कर दिया है।
जांच के बाद आईटीबीपी के उपसेनानी उमेश बडोला ने मुखानी थाने मेें अज्ञात लोगों के खिलाफ पेपर लीक का मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पहले कोतवाल आर एस मेहता ने कुछ दिनों तक जांच की।
इसके बाद एसएसपी ने विवेचना यातायात निरीक्षक नरेश चंद्र को स्थानांतरित कर दी। विवेचक ने इस मामले में सिपाही संजय सिंह से पूछताछ करने के बाद आईटीबीपी के अधिकारियों से संदिग्ध मोबाइल नंबरों के बारे में जानकारी ली।
जांच के दौरान विवेचक को तीन संदिग्ध लोगों के मोबाइल से मैसेज डिलिट मिले। पुलिस ने तीनों मोबाइल को कब्जे में लेकर उन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला को भेज दिया है।
विवेचक का कहना है कि अभी तीन और मोबाइल जांच को भेजे जाने हैं। क्योंकि मैसेज को वापस लाने में प्रयोगशाला से ही मदद मिल सकती है।
जांच के दौरान कई पेंच सामने आ रहे हैं। अभी पेपर छपने वाले स्थान और प्रश्नपत्र तैयार करने वालों से भी पुलिस को पूछताछ करनी बाकी है।