शहर के भंगवाचुंगी स्थित दिलीपपुर रियासत की संपत्ति के विवाद को लेकर कोर्ट के आदेश पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवाकांत ओझा के पीआरओ व राजा उदय प्रताप समेत नौ लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसे लेकर दिलीपपुर राजघराना एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दिलीपपुर रियासत के राजा अरुण प्रताप सिंह की बेटी भावना ने न्यायालय में याचिका दायर कर अपने चाचा उदय प्रताप सिंह व कैबिनेट मंत्री शिवाकांत ओझा के पीआरओ अनिल तिवारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। न्यायालय ने भावना की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था।
रविवार को कैबिनेट मंत्री के पीआरओ अनिल तिवारी, उदय प्रताप सिंह, सूरज प्रताप सिंह, गौरव सिंह, सोनू यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रभाकर सिंह, बबलू सिंह व पचास अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। भावना का आरोप है कि भंगवाचुंगी स्थित दिलीपपुर रियासत की संपत्ति पर उसके चाचा उदय प्रताप कब्जा करना चाहते हैं। 13/14 मार्च 2015 की रात उक्त लोगों ने उसकी कोठी पर कब्जा कर लिया और शिलापटट् तोड़ दिया। चौकीदार को पीटा। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस बाबत मंत्री के पीआरओ अनिल तिवारी ने कहा कि भावना के सभी आरोप गलत हैं। उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जा सकती है।