हल्द्वानी। इंटर में पढ़ने वाली छात्रा परीक्षा का तनाव नहीं झेल पाई। अच्छी तैयारी करने के बाद भी उसे खुद पर भरोसा नहीं रहा और जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। छात्रा की मौत से घर में कोहराम मच गया।
मामला गौलापार कल्याणपुर का है। छात्रा एक स्कूल में 12वीं की छात्रा थी। सोमवार को उसका पहला पेपर था। परिजनों के अनुसार रविवार रात सभी ने एक साथ खाना खाया था। कुछ ही देर में छात्रा को उल्टी होने लगी। इसके बाद वह बेहोश हो गई। घर वाले परेशान हो गए। उसे तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया लेकिन रात में ही उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह लगातार पढ़ाई कर रही थी। परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन करने की बात कहती थी। हर समय तनाव में रहती थी। घर वाले उसे समझाते रहते थे। उन्हें यह आभास नहीं था कि वह ऐसा कदम भी उठा सकती है। छात्रा के इस कदम से घर वाले दंग रह गए।
हंसते खेलतेे परिवार की खुशियां उड़ गईं
हल्द्वानी। छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनका कहना है कि तीन दिन पहले तो सभी ने हंसी खुशी होली मनाई थी। ऐसा दिन देखना पड़ेगा उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। उसकी तैयारी अच्छी थी फिर भी वह तनाव में रहती थी।
परीक्षा को तनाव न बनाएं
-अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों की परीक्षा को खुद की प्रतिष्ठा से न जोड़ें। बच्चे प्रतिस्पर्द्धा की दौड़ में रहते हैं। उन्हें ऐसा न करने दें।
-उनकी तैयारी में खुद को शामिल करें। बच्चों को तनावमुक्त रखें। उन्हें खेलने-कूदने और मनोरंजन करने का मौका भी दिया जाए।
-घर के माहौल को परीक्षामय न बनाएं। रूटीन में बदलाव न करें। बच्चों को न लगे कि माता-पिता खुद तनावग्रस्त हैं।
-अपने जमाने का उदाहरण देने से भी परहेज करें। उनकी तैयारी पर संतोष जताएं। कहीं कमी है तो खुद उसे खुद दूर करें।
मनोचिकित्सक की सलाह
- पढ़ने के साथ-साथ खेलने का भी कुछ समय निश्चित करें
- अच्छी खुराक लें और नींद भी पूरी करें
- सुबह का नाश्ता पौष्टिक लें, तनाव दूर करने के लिए टहलने भी जाएं।
- डॉ. नेहा शर्मा, मनोचिकित्सक