नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड राज्य की वॉलीबाल टीम को नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग के लिए नहीं बुलाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन को आदेश दिया है कि वह अपना प्रत्यावेदन वॉलीबाल फेडरेशन को दें और फेडरेशन 48 घंटों के भीतर इस पर निर्णय ले। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर फेडरेशन उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन के खिलाफ कोई आदेश पारित करता है तो इस पर इंडियन ओलंपिक संघ तत्काल निर्णय ले।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक उड़ीसा में नेशनल चैंपियनशिप व 4 से 9 फरवरी तक आंध्र प्रदेश में जूनियर चैंपियनशिप आयोजित हो रही है। कहा कि इसमें उत्तराखंड की टीम को प्रतिभाग के लिए नहीं बुलाया गया है। वॉलीबाल फेडरेशन के बुलावा नहीं भेजे जाने को उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि उनकी एसोसिएशन एकमात्र एसोसिएशन है जो राज्य में पंजीकृत है।
वॉलीबाल फेडरेशन द्वारा उनको नहीं बुलाने से राज्य के खिलाडियों का अहित हो रहा है क्योंकि हर बार राज्य की टीम ने नेशनल एसोसिएशन में बेहतर प्रदर्शन किया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन को आदेश दिया है कि वह अपना प्रत्यावेदन वॉलीबाल फेडरेशन को दें और फेडरेशन 48 घंटों के भीतर इस पर निर्णय ले। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर फेडरेशन उत्तराखंड वॉलीबाल एसोसिएशन के खिलाफ कोई आदेश पारित करता है तो इस पर इंडियन ओलंपिक संघ तत्काल निर्णय ले।