Wooden gavel and books on wooden table, law concept
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हल्द्वानी। हाईकोर्ट की फटकार के बाद लोक निर्माण विभाग ने फ्लाईओवर की फिजिबिलिटी जांचने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) मांगी है। आरएफपी की मंजूरी के बाद लोनिवि निर्माण कार्य के लिए कंपनी का चयन करेगा और इसके बाद शासन से डीपीआर बनाने के लिए पैसा मांगा जाएगा।
हाईकोर्ट ने एक रिटायर्ड लोनिवि अधिकारी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए डीएम से फ्लाईओवर के बारे में जवाब मांगा था। इसके बाद हरकत में आए लोनिवि ने पूर्व में हाईवे की फिजिबिलिटी जांचने के लिए कंपनी से मांगे गए प्रस्ताव पर विचार किया। नौ कंपनियों ने फिजिबिलिटी जांचने के लिए आवेदन किया था।
इसमें से लोनिवि ने सात कंपनियों को चुना। अब इन कंपनियों से आरएफपी मांगी जाएगी। फिजिबिलिटी जांचने के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को फिजिबिलिटी के लिए बुलाया जाएगा। फिजिबिलिटी में आने वाला खर्च के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी ने कहा कि कंपनी फिजिबिलिटी जांचने, डिजाइन बनाने आदि के लिए कितना पैसा मांगती है। खर्च साफ हो जाने के बाद यह बजट शासन से मांगा जाएगा। बजट मिलने के बाद कंपनी काम करना शुरू करेगी।