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फीस माफी के लिए 'वीरू' बन पार्षद ने छकाया बाद में मधुमक्खियों ने जमकर दौड़ाया

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स्कूल फीस माफ करने की मांग को लेकर बुद्धपार्क में चल रहे धरने के 45वें दिन अनशनकारियों को जूस पिलाक - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। फीस माफी के लिए 42 दिन से चल रहे आंदोलन में मंगलवार को हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। मांग नहीं मानी जाने से नाराज पार्षद रोहित कुमार शोले फिल्म का बीरू बन गया। वह धरनास्थल से उठकर नैनीताल रोड स्थित जलसंस्थान की 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के आश्वासन पर वह नीचे उतरा तो मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। उसे बचाने गए 10 से ज्यादा लोग भी मधुमक्खियों के हमले में घायल हो गए। इस बीच वहां अफरातफरी मची रही। पार्षद बेस अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आंदोलन स्थल पर पहुंचा। इसके बाद प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने पार्षद राजेंद्र सिंह जीना को जूस पिलाकर उनका अनशन फिलहाल समाप्त करवा दिया। उधर, देर शाम पुलिस ने पार्षद सहित छह नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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पार्षद रोहित कुमार के टंकी पर चढ़कर चिल्लाने से भीड़ जमा हो गई। पुलिस और अन्य लोगों ने नीचे उतरने का अनुरोध करते रहे। धरनास्थल बुद्ध पार्क पहुंचीं नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को जब इस बात का पता चला तो वह भी पानी की टंकी के नीचे पहुंच गईं। उन्होंने पार्षद को भरोसा दिलाया कि वह सदन में इस मुद्दे को उठाएंगी। इसके बाद पार्षद उतरने को तैयार हो गया। इस बीच पार्षद को उतारने टंकी पर चढ़े कुछ लोगों का हाथ मधुमक्खियों के छत्ते पर पड़ गया। इससे मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। पार्षद सहित 10 से अधिक लोग चपेट में आ गए। मधुमक्खियों से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। नीचे स्नान कर रहे बच्चे भी मधुमक्खियों के चपेट में आ गए।
हाईवे पर लगा जाम
हल्द्वानी। नैनीताल रोड पर जलसंस्थान की टंकी के सामने भीड़ जमा होने के कारण आधे घंटे तक जाम लग गया। पार्षद कभी हाथ जोड़कर टंकी की गैलरी से अभिवादन कर रहा था तो कभी कूद जाने की धमकी दे रहा था। पार्षद ने प्रशासन पर निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया। नेता प्रतिपक्ष की आवाज ऊपर नहीं सुनाई दे रही थी, लेकिन पार्षद के समर्थकों ने चिल्लाकर कहा कि अब उतर जाओ, माताजी (इंदिरा हृदयेश) ने आश्वासन दे दिया है। इसके बाद कुछ लोग टंकी पर चढ़ गए।
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विधानसभा में उठाऊंगी फीस माफी का मुद्दा : इंदिरा
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने बुद्ध पार्क पहुंचकर पार्षदों की मांग को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि वह सदन के अंदर और बाहर फीस माफी का मुद्दा उठाएंगी। इस दौरान मुकुल ब्ल्यूटिया, मो. गुफरान आदि मौजूद रहे।
मांग नहीं मानने पर होगा आंदोलन : रोहित
हल्द्वानी। पार्षद रोहित का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के कहने पर आंदोलन स्थगित कर दिया है। अभी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। सरकार ने अगर मांग नहीं मानी तो फिर आंदोलन किया जाएगा। उधर, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह चड्ढा ने कहा कि प्रशासन को मामले का हल निकालकर समाधान कराना चाहिए।
ये धाराएं लगाई गईं
हल्द्वानी। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि पार्षद रोहित कुमार आत्महत्या की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद उनके समर्थक जुलूस की शक्ल में बुद्ध पार्क गए। पार्षद ने प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। इसी कारण उपनिरीक्षक संजय बोरा की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पार्षद के खिलाफ धारा 309,147, 341, 269, 270 और 51 बी के तहत और काठगोदाम निवासी योगेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ डैनी, बैलाजली लॉज निवासी पार्षद डेविड, उत्तर उजाला निवासी पार्षद गुड्डू वारसी, इंदिरानगर निवासी तौफीक अहमद, इस्लाम मिकरानी, गांधीनगर निवासी सुमित के खिलाफ धारा 147, 341, 269, 270 और 51बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने नहीं बरती सतर्कता
हल्द्वानी। 60 फीट ऊंची टंकी पर पार्षद चढ़ गया लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। जलसंस्थान के ईई ईई विशाल सक्सेना का कहना है यह दफ्तर आम उपभोक्ताओं के लिए खुला रहता है। कोई जबरदस्ती किसी इरादे से टैंक में चढ़ जाता है तो उसमें विभाग क्या कर सकता है। इस बारे में पुलिस को अवगत करा दिया गया है।
पहले भी हुई हैं घटनाएं
-रामनगर में चार नवंबर 2014 को एनएसयूआई नेता रोहित पांडे ने टंकी पर चढ़कर खुद को आग लगा ली थी। इस घटना में झुलसे छात्रनेता रोहित की इलाज के दौरान दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई। एक अन्य छात्र झुलस गया था।
-दूसरी घटना हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर 2007 में हुई थी, जहां अतिक्रमण विरोधी आंदोलन के दौरान बनभूलपुरा के सामाजिक कार्यकर्ता रूमी वारसी पानी की टंकी पर चढ़ गए लेकिन लोगों ने समझा बुझाकर रूमी को उतार लिया था।
यह अनशन तो राजनीतिक था: पीएसए
हल्द्वानी। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत ने कहा कि फीस माफी का अनशन राजनीतिक था। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि निजी स्कूल प्रबंधक और पार्षदों के बीच फीस माफी को लेकर किसी तरह की कोई वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल हाइकोर्ट और शासनादेश के अनुसार ही फीस ले रहे हैं। ऐसे अभिभावक जो वास्तव में असक्षम है और इसका प्रमाण लिखित तौर पर स्कूल प्रबंधन को देते हैं तो ऐसे अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर हर संभव मदद करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने 21 सितंबर से स्कूल नहीं खोले जाने के फैसले का स्वागत किया है।

स्कूल फीस माफ करने की मांग को लेकर बुद्धपार्क में पिछले 44दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन और आमरण अंश- फोटो : HALDWANI

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