राॅयल्टी को पांच गुना बढ़ाने संबंधी शासनादेश के विरोध में राजकीय ठेकेदारों ने सोमवार को बुद्ध पार्क में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में उन्होंने इस शासनादेश के विरोध करते हुए दीनदयाल पार्क में भीख मांगकर 675 रुपये जुटाए। तय किया गया कि भीख में मिली धनराशि को एसडीएम के माध्यम से राजकोष में जमा कराया जाएगा। उन्होंने मंगलवार से राजकीय कार्य बंद करने का भी ऐलान किया है।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राॅयल्टी पांच गुना बढ़ने से वह इसका भुगतान करने में असमर्थ हैं। उन्होंने राॅयल्टी के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। कहा कि पूर्व के वर्षों में कराए गए कार्यों का करोड़ों का भुगतान अभी तक ठेकेदारों को नहीं हुआ है। भुगतान न होने के कारण ठेकेदार पहले ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ऊपर से अब रही सही कसर पांच गुना राॅयल्टी बढ़ाकर पूरी कर दी गई है। उन्होंने राॅयल्टी बढ़ाने संबंधी शासनादेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने और लंबित भुगतान शीघ्र कराने की मांग की। कहा कि भुगतान न होने के कारण ठेकेदार कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं और अपने परिवारों का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं।
तय किया गया कि यदि राॅयल्टी की व्यवस्था पूर्व की भांति नहीं की गई तो वह प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर सरकारी काम बंद कर देंगे और प्रदेश भर के ठेकेदारों को एकजुट कर हरिद्वार से देहरादून तक पैदल मार्च निकालेंगे। धरना प्रदर्शन में कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश तिवारी, कैलाश साह, उमेश जोशी, दयाकिशन जोशी, राजेन्द्र चौधरी, पंकज बजेठा, आशीष बिष्ट, शोएब सिद्दीकी, जिज्ञासु भट्ट, अर्जुन जिह, उमेश पनेरू, रमेश चंद्र भट्ट, लाल सिंह पवार, आनंद पड़ियार मौजूद रहे।