नैनीताल। नगर से सटे क्षेत्रों में विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके प्राकृतिक जलस्रोतों के पुनर्जीवन के लिए ठेकेदार नहीं मिल पा रहा है। जल संस्थान की ओर से दो निविदाएं करा ली गई हैं और अब तीसरी निविदा खोलने की तैयारी है।
नगर में मौजूद प्राकृतिक जलस्रोतों का रखरखाव न हो पाने के कारण अधिकांश स्रोत विलुप्त होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से जल संरक्षण की पहल करने के साथ ही इस मद में पालिकाओं को धनराशि भी जारी की गई है। नैनीताल पालिका के पास इस मद में 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि मौजूद है। पालिका की ओर से प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई।
पहले चरण में सिपाही धारा तल्लीताल, चूना धारा मल्लीताल, पर्दाधारा, गौमुख धारा कृष्णापुर, यहीं का तुड़तुड़ियाधारा, स्प्रिंग फील्ड, विश्राम घाट पाइंस, गुफा महादेव मंदिर, नारायण नगर, स्टोनले, राजपुरा को चिह्नित किया गया है। जल संस्थान के ईई रमेश गर्ब्याल ने बताया कि विभाग की ओर दो निविदा की जा चुकी हैं। ठेकेदार नहीं मिल रहा है अब इसी सप्ताह तीसरी बार निविदा निकाली जाएगी। संवाद