नैनीताल/रामनगर। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश चंद्र दुर्गापाल और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेसियों ने आईजी अजय रौतेला से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लालकुआं में पुलिस ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं जिन्हें वापस लिया जाना चाहिए।
ज्ञापन देकर बताया कि 10 जनवरी को एक जन्मदिन की पार्टी में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। 11 जनवरी को क्षेत्र के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि विवाद के संदर्भ में बात करने कोतवाली लालकुआं पहुंचे लेकिन पुलिस ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से असंतुष्ट जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कोतवाली परिसर में ही बैठ गए। इसके बाद उच्चाधिकारियों के आने पर उनसे वार्ता कर सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कोतवाली से चले गए।
दूसरे दिन उन्हें समाचार पत्रों से पता चला कि लालकु आं पुलिस ने 45 लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। उन्होंने इन मुकदमों को गलत बताया और निरस्त करने की मांग की। इस पर आईजी ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, गोपाल सिंह बिष्ट, राजेंद्र खनवाल, संध्या डालाकोटी, हरेंद्र बोरा, किरन डालाकोटी, खष्टी बिष्ट आदि थीं। उधर, रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष देशबंधु रावत और नगर अध्यक्ष डीसी हर्बोला के नेतृत्व में रामनगर एसडीएम विजयनाथ शुक्ल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कांग्रेसियों ने कहा कि 11 अक्तूबर को लालकुआं क्षेत्र में दो पक्षों के विवाद हो गया था। मामले में थाने में वार्ता करने पहुंचे कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने समय नहीं दिया। विरोध करने पर पुलिस ने कांग्रेसियों समेत 45 लोगों पर मुकदमे थोप दिए। देशबंधु रावत ने कहा कि मुकदमे वापस नहीं लिए गए आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। यहां दिनेश लोहनी, अतुल अग्रवाल, उमाकांत ध्यानी, जावेद खान, फारुख खान, दीपक भट्ट, कैलाश त्रिपाठी, अजय मेहता, हरीश रौतेला, वीरेंद्र तिवारी, विनय पडलिया, महेंद्र रावत आदि रहे।