हल्द्वानी। सर्द होते मौसम में सियासी पारा चढ़ने लगा है। कई दिनों से शंखनाद रैली कराने की कोशिश में जुटी कांग्रेस को 10 नवंबर को अनुमति नहीं मिली तो पार्टी नेताओं का पारा चढ़ गया। प्रशासन ने 10 नवंबर को स्टेडियम में राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हवाला दिया। इधर सीएम का कार्यक्रम तय होने से भाजपाइयों ने दस हजार की भीड़ जुटाने का एलान कर दिया है।
यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के भाजपा से कांग्रेस में लौटने को पार्टी ने संजीवनी माना था और 18 अक्तूबर को विजय शंखनाद रैली करने का एलान कर दिया था। लेकिन भारी बारिश और आपदा के कारण इस आयोजन को 23 अक्तूबर तक टाल दिया था। इसके बावजूद हालात सामान्य न होने पर इसे फिर स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस 10 नवंबर को रैली करना चाहती थी। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने सीएम के कार्यक्रम के कारण इस दिन अनुमति नहीं दी। अब इसके लिए 11 नवंबर की तारीख मिली है। इधर भाजपा खेमे ने बढ़त बनाने के मकसद से राज्य स्थापना दिवस पर स्पोर्ट्स स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम के दिन सीएम की मौजूदगी में जलसा करने का मन बनाया है। बकायदा 10 हजार की भीड़ जुटाने की रणनीति बनाई गई है। चूंकि सीएम बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी में यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा इसलिए भाजपाई हर हाल में इसमें बढ़त बनाना चाहते हैं। हालांकि पूरा कार्यक्रम सरकारी है। प्रशासन (खुद कमिश्नर) इसके सफल आयोजन के लिए दिन रात जुटे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है। भाजपा इसके जरिए अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन भी करना चाहती है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
भाजपा सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का कुचक्र रच रही है। पार्टी की ओर से विजय शंखनाद रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसके लिए प्रशासन से अनुमति भी ली गई थी। प्रशासन से लिखित स्वीकृति मिलने के बावजूद भी मुख्यमंत्री ने उसी दिन कांग्रेस के विजय संकल्प शंखनाद जनसभा को बाधित करने की मंशा से कार्यक्रम रखा गया।
-यशपाल आर्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री
कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली से भाजपा डर गई है। तभी कांग्रेस के कार्यक्रम में व्यवधान डालने की मनसा से मुख्यमंत्री का उसी दिन कांग्रेस के निर्धारित स्थल पर कार्यक्रम रखा गया। भाजपा ने अच्छे दिन के नाम पर उत्तराखंड की जनता को धोखा दिया जिसका हिसाब जनता 2022 चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर देगी।
-दीपक बल्यूटिया कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता
भाजपा लाख यतन कर ले वह कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली को रोक नहीं सकती है। भाजपा जान चुकी है कि सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने से आम जनता का मन नहीं जीता जा सकता है। जनता भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे को भली भांति पहचान चुकी है।
सुमित हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस पब्लिसिटी कमेटी
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
हल्द्वानी। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने कांग्रेस की रैली रोकने के आरोपों को हताशा व निराशा का परिणाम बताया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने कहा कि रैली स्थल के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। स्वयं कांग्रेस के लोग असफलता से घबराकर बार-बार अपने कार्यक्रमों की तिथि बदलते रहते हैं या जानबूझकर सरकार आरोप लगाने का बहाना ढूंढ कर गलती करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि नौ नवंबर से स्थापना दिवस और उत्तराखंड गौरव कार्यक्रम काफी समय पूर्व ही निर्धारित था। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा हल्द्वानी स्टेडियम कार्यक्रम स्थल के रूप में निर्धारित किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि जिनके नेताओं को यही नहीं पता की कार्यक्रम करने से पूर्व सभा स्थल की अनुमति लेनी पड़ती है, वह लोग किस प्रकार सरकार में आने की बात करते हैं।
कांग्रेसियों ने फूंका सीएम का पुतला
हल्द्वानी। महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राहुल छिमवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला दहन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा 10 नवंबर के कांग्रेस के प्रस्तावित विजय शंखनाद रैली से घबरा गई है। इस मौके पर पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, सुमित हृदयेश, विजय सिजवाली, ाजी सुहेल सिद्दीकी, ललित जोशी, गुरप्रीत प्रिंस, विजेंद्र गौनिया, गोविंद बिष्ट, वरुण भाकुनी, संध्या डालाकोटी आदि मौजूद रहीं।