हल्द्वानी। महिलाओं में एनीमिया की शिकायत बढ़ रही है। महिला अस्पताल में रोजाना इस तरह के 40-45 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। चिकित्सकों के अनुसार इससे शरीर में आयरन, फॉलिक एसिड और विटामिन बी 12 की कमी होने के लगती है। अधिकतर 18-35 उम्र की महिलाएं एनीमिया की शिकार हो रही हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता जोशी के अनुसार खून की कमी एक रक्त विकार है। इसके चलते महिलाओं में मासिक धर्म भी अनियमित हो जाते है। महिला अस्पताल की 150 की ओपीडी में 40-45 मरीज एनीमिया की शिकायत लेकर आ रही हैं। इनमें 25 सामान्य, 15 मध्यम और पांच मामले गंभीर श्रेणी के होते हैं।
उनका कहना है कि गर्भवती महिलाओं व युवतियों में एनीमिया के केस अधिक देखे जा रहे हैं। गर्भावस्था में मां के शरीर में बच्चे के विकास के लिए अतिरिक्त खून और पोषण की आवश्यकता होती है। अगर इस समय खून की कमी हो जाए तो बच्चे के विकास में बाधा आ सकती है।
लक्षण
छाती में दर्द
चक्कर व थकान होना
सिरदर्द और त्वचा का पीला पड़ना
दिल की धड़कनें तेज होना
बचाव के उपाय
ड्राई फ्रूट्स खाएं
फलों का सेवन करें
भोजन में हरी सब्जियां शामिल करें