हल्द्वानी। जिले के प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक ओर बीएलओ के काम के चलते प्रत्येक स्कूल में आए दिन विषय के शिक्षक नहीं हैं तो दूसरी ओर साल के अंत में कई अध्यापक अवकाश पर चल रहे हैं। जो शिक्षक स्कूलों में हैं उनपर अतिरिक्त लोड है। बोर्ड परीक्षाएं भी सिर पर हैं और सिलेबस आधा अधूरा है।
जिले में 912 प्राथमिक और 207 हाईस्कूल हैं। प्रत्येक विद्यालयों में मानक से कम शिक्षक हैं और अलग-अलग विषयों के अध्यापकों को दूसरे विषय पढ़ाने पढ़ रहे हैं। राजकीय हाईस्कूलों में सात में पांच अध्यापकों की ड्यूटी बीएलओ में लग रही है तो इंटर कॉलेज में भी मुख्य विषयों के पांच से सात टीचरों की ड्यूटी लगने से पूरा शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
जिलाध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ गिरीश चंद्र जोशी का कहना है कि शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी के कारण कोर्स पूरा नहीं हो पा रहा है। बीएलओ ड्यूटी लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है और अभी तो ड्यूटी में प्री बीएलओ का काम हो रहा है। संवाद
......
अधिकतर विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। एसआईआर डयूटी किश्तों में लग रही है। शिक्षकों पर अतिरिक्त लोड है लेकिन इसके बावजूद मौजूद अध्यापक कुशलता से कोर्स का संपादन करने में लगे हैं। मैं स्कूलों का निरीक्षण करूंगा। - गोविंद राम जायसवाल, सीईओ