शीशमहल फिल्टर प्लांट में इस तरह मटमेला पानी आ रहा है। स्रोत: स्वयं
हल्द्वानी। जमरानी बांध निर्माण के चलते नहरों में मटमैला पानी पहुंच रहा है। इससे करीब दो लाख की आबादी शुद्ध पेयजलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान ने तैयारी कर ली है। पानी को साफ करने के लिए एलम (फिटकरी) की मात्रा बढ़ाई जा रही है।
इन दिनों जमरानी बांध स्थल पर डायवर्जन टनल का काम चल रहा है। इसके चलते खोदाई काम जोरशोर से चल रहा है। यही कारण है कि गौला में पानी के साथ धूल के कण आ रहे हैं। शहर के कई क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। लोगों की शिकायत पर जल संस्थान के अधिकारियों ने शुक्रवार को इस संबंध में जमरानी परियोजना के अफसरों भी वार्ता की। बताया गया कि तीन साल तक काम चलेगा। इस पर संस्थान की ओर से पानी को साफ करने के लिए एलम फिटकरी की मात्रा बढ़ा दी गई है।
मटमैले पानी की आपूर्ति होने पर जमरानी बांध परियोजना के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो पता चला कि अभी काम तीन साल तक होना है। इस पर संस्थान के केंद्रीय स्टोर को सूचना देकर एलम की अतिरिक्त डिमांड की गई है। - आरएस लोशाली, अधिशासी अभियंता जल संस्थान