ताला लगाकर भाग रहा था सिटी मजिस्ट्रेट ने पकड़ा
जब सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी ने गली में प्रवेश किया तो अवैध रीफिलिंग करने वाले को इसकी सूचना मिल गई। वह ताला लगाकर भाग रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने उसे ताला लगाते देख लिया। उसे पकड़ने के लिए होमगार्ड को उसके पीछे दौड़ाया। तब जाकर मुकेश कुमार पकड़ में आया।
तिराहे पर टेंपो लगाकर छापा मारने पहुंची टीम का रास्ता रोका
सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी जब प्रगति विहार की तरफ मुड़ी तो तिराहे पर एक व्यक्ति ने अपना टेंपो बीच रास्ते में लगा दिया जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। वह टेंपो कभी आगे करता, कभी पीछे। जब सिटी मजिस्ट्रेट के चालक ने उसे डांटा तो तीन मिनट बाद उसने टेंपो सड़क से हटाया।
गली तक कर रहे थे मुखबिरी
अवैध रीफिलिंग करने वाले ने आईटीआई से लेकर कारखाने तक हर 100 मीटर पर एक मुखबिर खड़ा किया था। मुखबिर पल-पल की जानकारी वहां काम करने वाले लोगों को दे रहे थे। सिटी मजिस्ट्रेट के कारखाने तक पहुंचने तक कारखाने में ताला लग गया था। थोड़ी देर और हो जाती तो मुकेश वहां से फरार हो जाता।
65.92 रुपये की गैस 120 किलो बेचते हैं
गैस रीफिलिंग करने वाले घरेलू सिलिंडर से व्यावसायिक सिलिंडर भरकर हजारों रुपये प्रतिमाह कमा रहे थे। जांच में पता चला कि 65.92 रुपये किलो घरेलू गैस खरीदकर टेंपो में 120 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से भरी जाती है। पूर्ति विभाग के अनुसार, घरेलू गैस का 14 किलो का सिलिंडर 923 रुपये का है जबकि 19 किलो का व्यावसायिक सिलिंडर 1731.50 रुपये का है। इस हिसाब से घरेलू सिलिंडर की गैस 65.92 रुपये प्रति किलोग्राम जबकि कॉमर्शियल सिलिंडर की गैस 91.13 रुपये प्रति किलोग्राम पड़ती है। ऐसे में गैस की कालाबाजारी करने वाले रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को व्यावायिक दर से 200 रुपये कम कर सिलिंडर उपलब्ध कराते हैं।
घर से लिया था बिजली का कनेक्शन
अवैध रीफिलिंग के कारखाने में एक घर से बिजली का कनेक्शन दिया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के निर्देश पर बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे। यातायात नगर बिजली घर की एसडीओ शुभा जोशी ने बताया कि उस घर का कनेक्शन काट दिया गया है। भवन मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।