केस -1
राजपुरा निवासी रीता ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे का ठंडी सड़क स्थित निजी स्कूल में प्रवेश कराना है। पर बच्चे का नाम राशन कार्ड में होना जरूरी है। सफेड राशन कार्ड में कैपिंग (कोटा खत्म) के कारण नाम चढ़ना या घटाने संबंधित कोई कार्य नहीं होगा। ऐसे में निजी स्कूल में दाखिला नहीं मिल सकेगा।
केस -2
दमुवाढूंगा निवासी तरुण बिष्ट का कहना है कि उनकी बेटी सानवी का दाखिला होना है। एक साल पहले राशन कार्ड में नाम चढ़ाने के लिए आवेदन किया था जो अब तक नहीं हो सका।
केस -3
लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा निवासी जीनत ने बताया कि उन्होंने अपनी छोटी बेटी का नाम दो साल पहले राशन कार्ड में चढ़ाने को भेजा था। प्रतीक्षा सूची होने से अब तक नाम ऑनलाइल नहीं दिख रहा है। ऐसे में आरटीई के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं।
केस -4
जवाहर नगर, राजपुरा निवासी जैनब अख्लाख का कहना है कि बेटे मोहम्मद उमर खान का दाखिला कराना है। बेटे का नाम राशन कार्ड में नहीं चढ़ने के कारण परेशानी हो रही है। ऐसे में स्कूल वाले लौटा दे रहे हैं।
अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के कारण हर दिन 10 से 12 मामले नाम चढ़ाने से संबंधित आ रहे हैं। लोगों को समझाया गया है कि यह रोक शासन से ही हटेगी। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले प्रवेश के लिए ऑनलाइन नाम दर्ज होने की बात कर रहे हैं। लोगों की सहायता के लिए बच्चे का नाम प्रतीक्षा सूची में रखा जा रहा है।
-जगमोहन सिंह नेगी, पूर्ति निरीक्षक
कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरटीई के तहत प्रवेश के लिए बीपीएल या अंत्योदय कार्ड में ऑनलाइन नाम दर्ज होना जरूरी है। कैपिंग लगने के कारण यदि राशन कार्ड में नाम शामिल नहीं हुए हैं तो विद्यार्थियों को कुछ समय के लिए छूट देते हुए आवेदन प्राप्त करने चाहिए। छूट की समयसीमा के भीतर ऑनलाइन नाम दर्ज होना जरूरी है।
-जगमोहन सोनी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल