उत्तराखंड हाईकोर्ट में नगर पंचायत पुरोला के निवर्तमान चेयरमैन पर वित्तीय अनियमितता करने और उनके द्वारा सरकारी भूमि का दुरुपयोग करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई।
नगर पंचायत पुरोला के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और सरकारी भूमि के दुरुपयोग मामले में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकारी भूमि का दुरुपयोग हुआ है। इस पर कोर्ट ने सरकार से विस्तृत शपथपत्र पेश करने के लिए कहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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पुरोला के वार्ड सदस्य विनोद नौडियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर पंचायत के निवर्तमान चेयरमैन ने सरकारी जमीन पर न सिर्फ अपना होटल नेगी टावर बनाया है बल्कि कई सरकारी जमीन को अधिकारियों के साथ मिलकर खुर्द बुर्द किया है।
इससे पहले भी जांच हुई, जिसमें वित्तीय अनियमितता के आरोप सही पाए गए लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई आज तक नहीं की। जनहित याचिका में सीबीआई या फिर एसआईटी से जांच कराने के साथ साथ दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।