हल्द्वानी राजपुरा गेट पर गौला नदी में आई बाढ़ में फंसा मजदूर बैठा हुआ। अमर उजाला
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हल्द्वानी। गौला नदी में लकड़ी बीनने गया मजदूर राजपुरा में पानी के तेज बहाव में फंस गया। ढाई घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस बीच वहां राजपुरा के लोगों के भीड़ उमड़ी तो उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को कई बार लाठियां भांजनी पड़ी। पुलिस ने गौला नदी पर भीड़ लगाने पर 17 नामजद सहित 167 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मजदूर को भी मुकदमे में शामिल किया है।
बिहार के बेतिया पूर्वी चंपारन जिले के तपसी परसौना गांव का रहने वाला राजेश यादव (27) पुत्र राजेंद्र यादव मंगलवार की शाम गौला नदी में लकड़ी बीनने गया था। शाम करीब छह बजे वह गौला नदी में आई बाढ़ में फंस गया। उसने अपने मोबाइल था से चाचा वीर शमशेर यादव को इसकी सूचना दी। शमशेर ने पुलिस को अवगत कराया। एसएसपी सुनील कुमार मीणा, एसडीएम विवेक राय, सीओ शांतनु पाराशर फोर्स लेकर राजपुरा स्थित नदी के किनारे पहुंचे। एसएसपी ने एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। एसडीआरएफ की टीम गौलापार स्टेडियम के रास्ते नदी में घुसकर मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मजदूर को निकालने के लिए जल पुलिस का जवान मनोज बहुखंडी नदी में चला गया था लेकिन सीओ ने कहा कि रिस्क लेना ठीक नहीं है। मजदूर के फंसा देखकर एसएसपी सुनील कुमार मीणा और एसडीएम विवेक राय जूता उतारकर गौला नदी में उतर गए। एसएसपी ने एसडीआरएफ की टीम को ढाई हजार का इनाम दिया है।
महंगा पड़ गया सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाना
हल्द्वानी। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि नियमानुसार लॉकडाउन के तहत शाम चार बजे के बाद घर से निकलना मना है। इसके बावजूद मजदूर के नदी में फंसने पर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लाठी भांजने के बावजूद बगैर मास्क लगाए लोग लौटकर खड़े हो रहे थे। लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान नहीं था। मजदूर राजेश भी लॉक डाउन का उल्लंघन किया है। इसी कारण वीडियोग्राफी करने के लॉकडाउन उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है।