गोली से घायल मटर व्यवसायी जोगराज के शरीर में इंफेक्शन फैलने पर परिजनों ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया था। करीब दो माह के इलाज के बावजूद रविवार सुबह व्यवसायी ने दम तोड़ दिया। रात में चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
देवाशीष होटल के पीछे डीसी जोशी के मकान में मटर व्यापारी जोगराज उर्फ राजू बिष्ट रहते थे। 31 अक्तूबर की रात वह किसी के बुलावे पर काठगोदाम गए थे। घर लौटने पर वह जैसे ही अपनी कार पार्किंग कर उतरे। इस बीच अन्य कार में सवार नकाबपोशों ने व्यवसायी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। घायल व्यवसायी का कृष्णा अस्पताल में इलाज कराया गया। इस मामले में विवेचक एनबी भट्ट ने व्यवसायी के पार्टनर दिल्ली के व्यवसायी मोहित वर्मा, संजय कालरा और अंकुर चौहान को गिरफ्तार किया था।
बताया गया कि करीब एक करोड़ रुपये हड़पने के लिए मोहित ने गोली चलाई थी। इलाज के बाद मार्च में मटर व्यवसायी जोगराज के गले में दिक्कत होने लगी। क्योंकि एक गोली गले से होकर कान के पास से निकली थी। व्यवसायी के भाई ने फोन पर बताया कि 28 मार्च को स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब दो माह के इलाज के बावजूद रविवार सुबह दिल्ली में जोगराज ने दम तोड़ दिया। शाम को काठगोदाम चानमारी स्थित घर शव लाया गया। रात में चित्रशिला घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जनवरी में हुई थी बेटे की मौत
व्यवसायी जोगराज को गोली लगने के बाद उन पर विपत्तियों का पहाड़ टूटता गया। व्यवसायी के भाई ने बताया कि जनवरी में जोगराज के एक बेटे की मौत हो गई। जोगराज का अब सिर्फ एक ही बेटा है।