बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में आतंकी हमले में बचे नैनीताल के पुनीत टंडन सकुशल नैनीताल पहुंच गए हैं। पुनीत ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि उन्होंने 22 मार्च की सवेरे आईएसआईएस के आतंकवादियों को मौत का नंगा खेल खेलते हुए देखा था। पुनीत ने भरी हुई आंखों से मां नयना देवी और नीब करौरी महाराज का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि वह घटना के समय ब्रसेल्स के हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
जब उन्हें तीन दिनों तक बेल्जियम की पुलिस ने रोक दिया। उन्होंने बताया कि वह अपनी बहिन व भांजी से मिलने कनाडा गए थे। जब वापसी में जहाज बदलने (स्टॉप ओवर) के लिए कुछ समय ब्रसेल्स के हवाई अड्डे में रुकना था। उन्होंने उस भयानक दृश्य को याद करते हुए कहा कि बमबारी के वक्त वह हवाई अड्डे में ही थे।
उन्होंने बताया कि ब्लास्ट उनके लॉज के कुछ ही मीटर की दूरी पर हुआ और एक सेकेंड के लिए उन्हें लगा कि उनके ऊपर छत गिर जाएगी।
उन्होंने कहा कि अफरातफरी के माहौल में सभी यात्रियों को बिल्डिंग के दूर कोने तक पहुंचने को कहा गया। जिसमें वह कामयाब रहे। उन्होंने बताया कि इस बीच बेल्जियम की सुरक्षा एजेंसी द्वारा सभी यात्रियों को बिल्डिंग छोड़कर बाहर खुले मैदान में पहुंचने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें मालखाने (कार्गो) क्षेत्र में सुरक्षा कवच बनाकर सुरक्षा प्रदान की। बताया कि इसी बीच ब्रसेल्स शहर के बीचों बीच स्थित मैट्रो में बड़ा धमाका हुआ। 39 वर्षीय पुनीत की आंखों में डर साफ नजर आ रहा था।
उन्होंने ब्रसेल्स के माहौल की किसी युद्ध स्थल से उसकी तुलना की। पुनीत के अनुसार उस समय उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था और उनको केवल अपनी जिंदगी बचाने का ख्याल आ रहा था। पुनीत ने बताया कि वो और उनके एक मित्र संजय जो कार्गो क्षेत्र से ही उनके साथ थे। दर्द भरी घटना के बारे में उन्होंने बताया कि उनका लगेज (सामान) भी जहाज में होने के कारण आज दिल्ली उनके घर पहुंच सका है।
आतंकवादी हमले के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय हर जगह चीख पुकार सुनाई दे रही थी जिसके बाद लाशों के ढेर लग गए थे। पुनीत का मल्लीताल में रामलाल एंड ब्रदर्स के नाम से कपड़े का शोरूम है।